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3.62 लाख हेक्टेयर में बागबानी की काश्तकारी: छीना

Pathankot

Updated Fri, 13 Jul 2012 12:00 PM IST
पठानकोट। बागबानी विभाग पंजाब की ओर से जिला पठानकोट में बागबानी को उत्साहित करने के लिए विशेष यत्न किए जा रहे हैं। जिले के नीम पहाड़ी व कंडी क्षेत्र में आम, लीची, आंवला, अमरुद व गलगल फलों की काश्त को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह जानकारी इलाके का दौरा करने के बाद बागबानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जीएस छीना ने दी
उन्होंने बताया कि धार और दुनेरा के पहाड़ी क्षेत्र आम की काश्त के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि जिले में हर वर्ष औसतन 100 हेक्टेयर रकबा बागबानी के अधीन आता है और 31 मार्च 2012 तक 362217 हेक्टेयर रकबा विभिन्न फलों की काश्त अधीन लाया गया है। इसमें से 190478 हेक्टेयर रकबे में आम की काश्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि पठानकोट ब्लाक में 40119 हेक्टेयर रकबे, धारकलां में 143218 हेक्टेयर रकबे, बम्याल में 2616, नरोट जैमल सिंह में 4315 हेक्टेयर रकबे में आम की काश्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में बढ़िया फूलदार पौधों की सप्लाई को यकीनी बनाने के लिए दो प्राइवेट रजिस्ट्रर्ड नर्सरियां काम कर रही है। जहां आम, आंवला, लीची, नींबू के फलदार पौधे उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागबानी मिशन तहत के सरकार की ओर से लीची, आम, किन्नू, आंवला के नए बाग लगाने के लिए क्रमश: 17625, 16500, 17500 रुपये प्रति हेक्टेयर सब्सिडी दी जा रही है। यह सहायता बागबानों को अधिक से अधिक 4 हेक्टेयर बाग लगाने के लिए दी जाती है। इस अवसर पर ममून के किसान बलदेव सिंह ने हिमाचल प्रदेश सरकार की तर्ज पर पंजाब में भी फलों की सीधी खरीद की जाए ताकि बागबानों को ओर लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि वह 1957 से बागबानी से जुड़े हैं तथा वर्तमान में उनके 5 एकड़ बाग में लगभग 30 व्यक्तियों को रोजगार मिला हुआ है। उन्होंने बताया कि आम के बाग से प्रति एकड़ 50 हजार आमदन हो रही है तथा बागबानी के पौधों से उत्साहित होकर उन्होंने अब लीची के बाग भी लगाने शुरू कर दिए है। बागबानी विकास अफसर दर्शन पाल ने बताया कि पठानकोट जिले में दो किस्म के आमों की ज्यादातर पैदावार हुई है। इसमें दशहरी व देसी आम शामिल है। देसी आम क्षेत्र का बहुत मशहूर फल है तथा इन आमों से इस वक्त दुनेरा क्षेत्र में विभिन्न घरों में आम पापड़ तैयार किया जा रहा है तथा देश के विभिन्न हिस्सों से डलहौजी को जाने वाले सैलानी दुनेरा में रुक कर इस मशहूर आम पापड़ को खरीद कर ले जाते है।
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