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सबसे पुराने फेज सालों से बेहाल

Mohali

Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
मोहाली। शहर के सबसे पुराने और सबसे पहले बसाए गए फेज बारिश का सबसे ज्यादा दर्द झेल रहे हैं। फेज एक और छह में कुछ इलाके तो बीस सालों से हर साल बारिश का कहर झेलते हैं। उनकी समस्या तो हल हुई नहीं, पिछले समय के दौरान कुछ जलभराव के नए प्वाइंट और बन गए।
शनिवार को हुई बारिश के बाद भी यह इलाका झील बन गया। कुछ इलाकों में तो सोमवार को पानी निकाला जा सका। यहां पर सबसे बड़ी समस्या एचबी और एचएल क्वार्टरों की है। जब से क्वार्टर बने हैं, तभी से लोग बारिश का दर्द झेल रहे हैं। इन क्वार्टरों का लेवल नीचा होने के कारण सबसे पहले पानी यहीं भरता है। ज्यादा बारिश होते ही घरों में पानी चला जाता है। यहां के लोग मानसून के मौसम में या तो ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट हो जाते हैं या फिर फर्नीचर के नीचे पक्के तौर पर ईंटे आदि लगा देते हैं। क्योंकि कभी भी रात या अलसुबह बारिश होने पर कहर टूट सकता है। मानसून में इनका कहीं जाना या रिश्तेदारों का आना बंद हो जाता है। आज तक इसके हल के लिए कोई प्रोजेक्ट नहीं बना।
यहां के पूर्व पार्षद आरपी शर्मा कहते हैं कि ड्रेनेज लाइन बहुत पुरानी और छोटी है। अगर नई बड़ी लाइन डाल दी जाए तो यहां की समस्या हल हो सकती है। कई बार पब्लिक हेल्थ विभाग को कहा गया, पर कुछ नहीं हुआ।
फेज छह में शिवालिक स्कूल से कोठी नंबर 306 तक के हिस्से का भी बारिश में बुरा हाल होता है। कोठी नंबर 302, 613, 407 के पास भी पानी भर जाता है। शोरूम नंबर 1-19 तक यही समस्या है। बैरियर के पास भी काफी पानी भर जाता है। सिविल अस्पताल के बाहर नई बनी सड़क झील बन जाती है। लोगों के पूछने पर विभाग का कहना है कि यहां की रोड गली सड़क से ऊंची है। इसी तरह फेज एक में एच 407 व एचएम 172 वाली लाइन प्रभावित होती हैं। हर साल इन प्वाइंट पर पानी भरा होता है, पर कोई स्थायी हल नहीं निकाला गया।

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रोड गलियों की सफाई नहीं होती: शर्मा
इलाके के पूर्व पार्षद आरपी शर्मा कहते हैं कि अगर बारिश से पहले रोड गलियों की सही ढंग से सफाई की जाए तो काफी समस्या हल हो सकती है। लेकिन सफाईकर्मी ज्यादातर रोड गलियां छोड़ जाते हैं। वहीं, यहां की ड्रेनेज लाइन पुरानी हो चुकी है, नई और बड़ी लाइन डाले जाने की जरूरत है।

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पार्कों में नहीं है ड्रेनेज सिस्टम: सिद्धू
फेज छह आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट एनएस सिद्धू का भी कहना है कि रोड गलियों की सफाई न होने के कारण हर साल समस्या आती है। शिवालिक स्कूल के पास पानी भरने से काफी परेशानी होती है। वहीं, मैंगो गार्डन व अन्य पार्कों में कोई ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। शनिवार की बारिश का पानी पार्कों में खड़ा बदबू मार रहा है। सैर तो बंद हो गई, बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
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