आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

मोगा में पूर्व विधायक मलकीत सिंह की हत्या

Ludhiana

Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
मोगा/बरनाला। बरनाला विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे वरिष्ठ अकाली नेता मलकीत सिंह कीतू की सोमवार की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनके निहाल सिंह वाला सब डिवीजन अंतर्गत पैतृक गांव बिलासपुर में उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कीतू बाथरूम से नहाकर बरामदे में खड़े थे। उन पर 315 बोर की राइफल से कई राउंड फायर किए गए।
कीतू को कस्बा बधनी कलां के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना निहाल सिंह वाला पुलिस ने मलकीत सिंह कीतू के गोद लिए बेटे कुलवंत सिंह के बयान पर कीतू के सगे भतीजे कस्बा बिलासपुर निवासी गुरप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह (दोनों भाई) और जसवीर सिंह उर्फ जस्सा के अलावा कुलवंत सिंह और गांव दीपगढ़ (बरनाला) निवासी अंग्रेज सिंह के खिलाफ पर्चा दर्ज कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि मलकीत सिंह कीतू सोमवार की सुबह लगभग पौने नौ बजे नहाने के बाद बरामदे में खड़े थे। उनके गनर खाना खा रहे थे। इसी दौरान कीतू के भतीजों ने उन्हें ललकारते कहा कि वे आज बदला लेंगे। कीतू ने भतीजों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कीतू पर 315 बोर राइफल से गोली दाग दी। कीतू की छाती में दो गोलियां लगीं और वे गिर पड़े। हमलावरों ने उन्हें एक और गोली मारी जो उनकी टांग में लगी। गोलियों की आवाज सुनकर कीतू के गनर कमरे से बाहर बरामदे की ओर दौड़े और उन्होंने हमलावरों पर फायर किए लेकिन हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

जनता के लिए खुले रहते थे कीतू के दरवाजे
बरनाला। मलकीत सिंह कीतू 1992 के विधानसभा चुनाव में आतंकी संगठनों के चुनाव बायकाट के दौरान मात्र 700 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे। 1997 विधानसभा चुनाव में कीतू आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े। अपनी लोकप्रियता के चलते उन्होंने कांग्रेस और अकाली प्रत्याशियों को भारी मतों से हराकर चुनाव जीता था। इसी तरह 2002 के विधानसभा चुनाव में भी कीतू विजयी रहे। 2005 और 2012 के विधानसभा चुनाव में भितरघात के चलते वे कुछ मतों के अंतर से चुनाव हार गए। मलकीत सिंह कीतू के घर के दरवाजे 24 घंटे खुले रहते थे। कोई भी जरूरतमंद, गरीब और बेसहारा इंसान उनके पास आसानी से आ-जा सकता था। वे लोगों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनते थे और उन्हें दूर करने का प्रयास करते थे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

malkit singh

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

सपा-कांग्रेस का हुआ गठबंधन, सपा- 298, कांग्रेस-105 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

congress sp alliance sealed
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

माया का पलटवार, ‘सपा का काम कम, अपराध ज्यादा बोलता है’

mayawati criticizes on akhilesh manifesto
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top