आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

फास्टनर उद्यमियों को भाया गुजरात का वेलकम

Ludhiana

Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। पंजाब की उद्योग विरोधी नीतियों से खफा फास्टनर उद्यमियों को गुजरात का वेलकम भा गया है। उद्यमियों ने अहमदाबाद के नजदीक सानंद, दहेज, हलोल और सुरिंदरनगर में औद्योगिक जगह स्टडी की है। सानंद में टाटा मोटर्स के नजदीक खाली पड़ी जमीन पर पंजाबी उद्यमियों ने अपनी नजरें गढ़ा ली हैं। फास्टनर उद्यमियों ने पहले चरण में सौ एकड़ जमीन की मांग की है। इस जमीन का सरकारी भाव 3250 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इसमें अभी और कमी आने की संभावना है। फास्टनर उद्योग से मिले रिस्पांस को देखते हुए जालंधर के इंजीनियरिंग उद्यमियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी अक्तूबर माह के दौरान गुजरात का दौरा करेगा।
फास्टनर मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट एवं गुजरात गए प्रतिनिधिमंडल के लीडर नरिंदर भमरा ने अहमदाबाद से टेलीफोन पर बताया कि गुजरात सरकार की इंडस्ट्री फ्रेंडली नीतियों ने उद्यमियों को काफी प्रभावित किया है। स्टडी के दौरान पाया गया है कि वहां पर पंजाब के मुकाबले उत्पादन लागत औसतन पंद्रह फीसदी कम है। दूसरे कांडला और दहेज पोर्ट भी काफी नजदीक हैं। ऐसे में ओवरसीज बाजार में निर्यात आसानी से किया जा सकता है। इसके अलावा फास्टनर उद्यमियों को गुजराती बाजार में भी अपने उत्पादों की जबरदस्त मांग दिखाई दे रही है।
भमरा ने कहा कि गुजरात में नई इकाई लगाने के लिए तमाम सरकारी औपचारिकताएं अधीकतम तीस दिन में मिल जाती हैं। इसके अलावा वैट रिफंड तीन माह के भीतर उद्यमी के खाते में ऑन लाइन पहुंच जाता है। फास्टनर उद्योग का तमाम कच्चा माल भी गुजरात में ही उपलब्ध है। भमरा के अनुसार अब तक मिली फीडबैक के आधार पर कई उद्यमियों ने वहां पर इकाइयां लगाने का मन बना लिया है।
उधर फेडरेशन ऑफ जालंधर इंडस्ट्रियल एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान गुरशरण सिंह ने कहा है कि फास्टर उद्यमियों से मिली जानकारी के आधार पर जालंधर के उद्यमियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी शीघ्र ही गुजरात जाकर अपने नजरिए से स्टडी करेगा। बड़ी संख्या में जालंधर के उद्यमी भी पंजाब से पलायन कर गुजरात जाने का मन बना रहे हैं। सिंह ने कहा कि पंजाब में औद्योगिक उत्पादन लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। नतीजतन यहां के उद्यमी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चुनौतियों का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top