आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

सूखे के हालात छुड़ा रहे किसानों का पसीना

Ludhiana

Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। मानसून की बेरुखी के चलते जहां आम आदमी का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है, वहीं पंजाब के अन्नदाता किसानों की मुश्किलें भी बीत रहे दिनों के साथ साथ बढ़ रही हैं। बारिश नहीं होने के कारण धान फसल की लागत बेतहाशा बढ़ गई है। इससे जहां किसानों की हालत खराब हो गई हैं वहीं राज्य सरकार और केंद्रीय कृ षि मंत्रालय भी चिंतित है। राज्य सरकार ने तो केंद्र से आठ सौ करोड़ रुपये के पैकेज और एक हजार मेगावाट बिजली की मांग कर डाली है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राज्य में करीब 21 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन में धान की फसल खड़ी है।
इसे पानी देने के लिए जमीनी पानी का खुल कर उपयोग किया जा रहा है। जमीन से पानी निकालने के लिए किसानों को बिजली पूरी नहीं मिल रही है। ऐसे में मजबूरन किसान जेनरेटर से बिजली पैदा करके जमीनी पानी निकाल कर किसी तरह फसल को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में किसानों का प्रति एकड़ खर्च करीब 12,500 रुपये तक बढ़ चुका है। इसकी भरपाई के लिए किसान यूनियन ने सरकार से कम से कम तीन हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की है।
काबिलेजिक्र है कि पंजाब में मानसून सीजन के दौरान बारिश का नामोनिशान नजर नहीं आ रहा है। नतीजतन एक तरफ जहां खेतों में पानी की कमी महसूस की जा रही है। वहीं भाखड़ा और पौंग डैम में पानी पिछले साल के मुकाबले 60 से 67 फीट तक कम हो गया है। हालत क ा अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने बाकायदा नोटिस निकाल कर पानी की बूूंद बूंद बचाने की अपील की है। तमाम हालात को देखते हुए किसानों की नींद उड़ रही है।
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रेसिडेंट बलबीर सिंह राजेवाल कहते हैं कि ऐसी स्थिति बरसों बाद बनी है। राजेवाल ने कहा कि किसान का प्रति एकड़ केवल डीजल पर खर्च ही सात से आठ हजार रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा खाद, कीटनाशक और अन्य खर्च जोड़ कर किसान को 12,500 से 13000 तक का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है।
राजेवाल के अनुसार मौजूदा हालात में इस बार किसानी का बचना मुश्किल नजर आ रहा है। सूखे की स्थिति में फसल को कीड़ा लगने का खतरा भी अधिक रहता है। पानी की कमी से खेत ड्राई हो रहे हैं, इससे धान के झाड़ में भी कमी आ सकती है। उनका कहना है कि पंजाब के नुकसान की भरपाई के लिए कम से कम तीन हजार करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया जाए।
----------

मुक्तसर जिले में 97 फीसदी कम हुई बारिश
पंजाब में हुई सिर्फ 70-75 एमएम औसतन बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब में मानसून के दौरान सामान्य से 68 फीसदी बारिश कम रिकार्ड की गई है। लेकिन राज्य के मुक्तसर जिले की स्थिति काफी खराब है। वहां पर 97 फीसदी बारिश कम हुई है। बारिश की कमी का सीधा प्रभाव खरीफ की फसलों पर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले समय के दौरान अच्छी बारिश का अनुमान अवश्य लगाया है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चरल मेट्रोलॉजी विभाग के हैड डा. जीएस बुट्टर का कहना है कि इस बार मानसून की रफ्तार काफी सुस्त रही है। राज्य में अब तक औसतन 225 मिलीमीटर बारिश की होनी चाहिए थी, लेकिन इस सीजन में अब तक केवल 70-75 मिलीमीटर बारिश की रिकार्ड की गई है। डा. बुट्टर ने कहा कि राज्य में मुक्तसर जिले में 97 फ ीसदी के बाद मोगा जिले में 90 फीसदी बारिश कम हुई है। इसके अलावा संगरूर, अमृतसर, लुधियाना, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, फतेहगढ़ साहिब इत्यादि जिलों में भी साठ से नब्बे फीसदी तक कम बारिश हुई है। डा. बूट्टर ने कहा कि बारिश की कमी से किसानों जहां किसानों की लागत बढ़ रही है, वहीं जमीनी पानी का स्तर भी लगातार नीचे जा रहा है। राज्य में 141 में से 110 ब्लाक पहले ही डार्क जोन में पहुंच चुके हैं। राज्य में 16 लाख हेक्टेयर जमीन के लिए ही सिंचाई सुविधाएं मौजूद हैं। बाकी जमीन पर सिंचाई जेनरेटर से डीजल फूंक कर ही की जा रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

farmers sweat

स्पॉटलाइट

कपल्स को देखकर ये सोचती हैं सिंगल लड़कियां!

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

नौकरी के बीच में ही कपल्स को मिल सकेगा 'सेक्स ब्रेक'

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

सुपरस्टारों के ये बच्चे भी बिन तैयारी हुए लॉन्च, हो गए फ्लॉप

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

बदन से आती है दुर्गंध ? खाने की प्लेट से हटा दें ये चीजें

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

हैलो! अनुष्का शर्मा आपसे बात करना चाहती हैं, ये रहा उनका नंबर

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

वाेटिंग में पांच लाख इनामी डाकू बबुली काेल का खाैफ, पुलिस, पीएसी ने की घेरेबंदी

daku babuli kol affects up election 2017
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

पत्नी की हत्या का आरोपी अमनमणि समेत सात सपा से निष्कासित

Amanmani tripathi expelled from SP.
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top