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सेम के खात्मे को जगी आशा की किरण

Ludhiana

Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
मुक्तसर। कुछ माह पहले केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री बादल के गृहक्षेत्र लंबी के सेम प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद सोमवार को केंद्रीय अधिकारियों की टीम ने हलके के सेम प्रभावित गांवों की स्थिति जानी। टीम ने इस दौरान किसानों की व्यथा सुन उनको सेम की इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया है। इससे प्रभावित किसानों को आशा की किरण दिखाई देने लगी है।
पिछले करीब पंद्रह वर्षों से सेम का संताप झेल रहे किसानों ने सोमवार को टीम के सदस्यों को अपना दुखड़ा सुनाया। टीम में शामिल सदस्यों ने किसानों की मुश्किलों को जानने के बाद इस गंभीर समस्या के स्थायी हल का विश्वास दिलाया। टीम द्वारा प्रभावित किसानों को सांत्वना देने के बाद किसानों में एक नए जोश का संचार हो गया है। ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में गांव सिक्खवाला के किसान दिलबाग सिंह और रणजीत सिंह ने बताया कि गांव का काफी रकबा सेम की चपेट में है, जिससे खेती करना नामुमकिन हो चला है। उन्होंने बताया कि पहले केंद्रीय मंत्री जय राम रमेश और अब केंद्रीय टीम के प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने से किसानों को अब उम्मीद जगने लगी है कि उनकी बरसों पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा। किसान गमदूर सिंह और लखवीर सिंह का कहना है कि लंबी हलके के कई गांव तो ऐसे हैं जहां सेम के चलते 15 वर्षों से अन्न का एक दाना भी नहीं पैदा हो सका है।
मुक्तसर जिले में सेम प्रभावित गांव
जिले में मुक्तसर हलके के गांव झबेलवाली, वट्टू, वडिंग, बाजा, डोडांवाली, चक्क बाजा, सक्कांवाली, बूड़ा गुज्जर के अलावा फत्तणवाला व अकालगढ़ का कुछ रकबा सेम प्रभावित है। वहीं मलोट हलके क ा गांव तरखाणवाला, ईनाखेड़ा, शेरगढ़, भुलेरिया, भगवानपुरा, फकरसर, रथड़ियां, दानेवाला, जंडवाला, थेहड़ी आदि सेम ग्रस्त गांव हैं। गिदड़बाहा तके गांव हुस्नर, बबानियां, कराईवाला, घग्गा भी सेम की चपेट में है। मुख्यमंत्री के पैतृक हलके लंबी में लंबी, कक्खांवाली, सिक्खवाला, मनियांवाला, दियोणखेड़ा, चन्नू, तप्पा, आधनियां, वणवाला, महिणा, लालबाई, माहूआणा, भागू, पक्की टिब्बी, सरावां बोदला, असपाला, गद्दा डोब आदि गांवों के किसान वर्षों से सेम का संताप झेल रहे हैं।
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