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भारत आते ही भूल जाते हैं ट्रैफिक नियम

Jalandhar

Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
जालंधर। एनआरआई बेशक विदेशों में जाकर ट्रैफिक नियमों का पाठ खुद ब खुद पढ़ लेते हों, पंजाब की जमीन पर पांव रखते ही कानून -कायदा भूल जाते हैं। पिछले दो सालों में जालंधर में ही 707 एनआरआई ने ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं, जिसमें अधिकतर ऑस्ट्रेलिया व कनाडा के रहने वाले हैं।
पंजाब के भारी संख्या में लोग विदेशों में बसे हुए हैं। खासकर दोआबा व आसपास के इलाके में लाखों लोग कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका में रहते हैं। विदेशों में ट्रैफिक नियम काफी कड़े हैं। यूके में तो डाक के जरिए चालान घर तक पहुंच जाते हैं। मोबाइल फोन से लेकर सीट बेल्ट तक पर सख्ती है। जहां भारतीय लोग वहां पर जाकर नियमों में खुद को ढाल लेते हैं वहीं वापस आते ही ट्रैफिक नियमों का पाठ भूल रहे हैं।
सन 2010 से लेकर नवंबर 2012 तक जालंधर में 707 एनआरआई का ट्रैफिक चालान हुआ। चौंकाने वाली बात है कि अधिकतर नियमों की उल्लंघन विजिबल थी, जिसमें चालकों ने रेड लाइट को जंप किया। कार चलाते समय मोबाइल फोन सुना या सीट बेल्ट नहीं बांधी। रिकार्ड खंगालने पर सामने आया कि ज्यादातर चालान रेड लाइट जंप के थे। वहीं काफी चालान नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने के निकले।
कनाडा में रहने वाले भारतीय युवकों ने रेड लाइट जंप अधिक किया। तीन दर्जन से ऊपर एनआरआई ने नियमों का उल्लंघन बार-बार किया। वहीं महिला एनआरआईज के भी चालान किए गए हैं। जालंधर की पुलिस अभी विदेशों जितनी हाइटेक नहीं हुई है, ओवर स्पीडिंग से लेकर शराब पीकर गाड़ी चालान आदि के इतने चालान नहीं किए जा रहे, जितने विदेशों में किए जाते हैं।
ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह का कहना है कि एनआरआई को कई बार समझाया जाता है, कई बार चेतावनी देकर भी छोड़ा गया है लेकिन नियमों के उल्लंघन में वह कम नहीं है।
ट्रैफिक के एडीसीपी सुखदेव सिंह का कहना है कि एनआरआई के बारे में रिकार्ड उनके देशों में भेजा जाएगा। उनका चालान इंडिया में किया गया है, इसका पूरा ब्यौरा तैयार किया जा चुका है। विदशों में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रकिया काफी सख्त है, ऐसे में कई जब जानकारी विदेशों में भेजी जाएगी तो उन पर सख्ती होना लाजिमी है।
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