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भट्ठे बंद, ईंटों की किल्लत

Jalandhar

Updated Tue, 06 Nov 2012 12:00 PM IST
जालंधर। प्रदेश में ईंटों की जबरदस्त किल्लत हो गई है। इसके चलते चार रुपये में बिकने वाली ईंट सात रुपये में भी नहीं मिल पा रही है। इससे जहां लाखों लोगों को रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं वहीं घर बनवाने के चाहवान लोगों की जेबों पर दोगुना बोझ हो गया है। यह सब ईंट-भट्ठों के होने से ऐसे हालात बने हैं।
पहले पांच हेक्टेयर की थी शर्त, अब सभी दायरे में
ईंटों के भट्ठों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश आया कि अब मिट्टी की खुदाई करते वक्त वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी अनुमति लेनी होगी। यह आदेश उन कारोबारियों पर लागू होगा जो पांच हेक्टेयर से अधिक जमीन से मिट्टी की पुटाई करेंगे। इससे भट्ठा मालिकों को राहत रही क्योंकि वह खुदाई पांच हेक्टेयर जमीन से कम में करते थे। इस बीच खनन का एक केस पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लगा हुआ था, जिसमें फैसला आया कि पांच हेक्टेयर से कम वालों को भी मिट्टी की खुदाई के लिए एनओसी लेनी होगी। सख्त कानून के बाद पंजाब में मानसून से भट्ठा मालिकों ने ईंट बनानी बंद कर दी।
मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं कारोबारी
पंजाब भट्ठा यूनियन के भूपिंदर मक्कड़ उर्फ बिट्टू का कहना है कि हमारे पर इतना सख्त कानून लागू हो गया है, हम कहां जाए। मक्कड़ के मुताबिक भट्ठा यूनियन ने सीएम प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की थी और उनको अवगत करवाया कि केंद्र सरकार प्रस्ताव पास करे और इसमें संशोधन किया जाए। सीएम ने केंद्र सरकार को सख्त डीओ लिखा कि लोगों का बुरा हाल हो जाएगा लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और भट्ठा मालिकों ने कारोबार बंद कर दिया। मक्कड़ के मुताबिक इससे उलटा भट्ठा मालिकों की जेब कट रही है। लेबर का संकट पहले से है, इसलिए भट्ठा की लेबर को बिना काम किए पैसा दिया जा रहा है। इसके अलावा पंजाब में ट्रांसपोर्टेशन पर भी असर हुआ है, ईंटों की ढुलाई करने वाले ट्रक व ट्रालियां बंद हो गई हैं। नए निर्माण कार्य रुक गए हैं, इस कारण कारपेंटर से लेकर टाइलों तक का कारोबार मंदी की गिरफ्त में है।
बिल्डरों ने भी अधर में लटकाए प्रोजेक्ट
कोठियों की कंस्ट्रक्शन कर उनको बेचने वाले विशाल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कई कोठियों के ठेके विद लेबर व मैटीरियल ले रखे थे। एग्रीमेंट के वक्त ईंटों का भाव चार रुपये था, जबकि अब सात रुपये तक पहुंच चुका है। इस कार्य में उलटा उनको नुकसान हो रहा है। ईंटों की किल्लत से निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं। पंजाब के नामी बिल्डर पीपीआर ग्रुप के राजन चोपड़ा का कहना है कि सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए अन्यथा कंस्ट्रक्शन का कारोबार फर्श पर आ जाएगा।
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