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चौबीस घंटे बाद भी गैस को लेकर असमंजस

Jalandhar

Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
जालंधर। आखिर कौन सी गैस थी जिसने गांव वरियाणा के लोगों में सांसों की समस्या पैदा कर दी । 24 घंटे बाद भी निष्कर्ष न निकलने पर पंजाब सरकार के सारे महकमें फेल हो गए हैं।
बुधवार देर शाम को कपूरथला रोड स्थित गांव वरियाणा में जहरीली गैस फैल गई थी, जिसकी चपेट में 20 लोग आ गए और उनकी हालत बिगड़ गई थी। प्रशासन ने देर रात ही पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को मौके पर भेज दिया था, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा था। वीरवार सुबह फिर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सईएन मनोहर लाल, एसडीओ सत्यजीत सिंह और एसडीओ जतिंदर सोनी मौके पर पहुंचे। तीन सदस्य टीम ने वरियाणा में स्थित दो कोल्ड स्टोरों पर जाकर जांच की, यह कोल्ड स्टोर गांव के आसपास ही हैं। जांच के बाद टीम ने दोनों कोल्ड स्टोरों को क्लीन चिट दे दी।
बोर्ड द्वारा दोनों कोल्ड स्टोरों को क्लीन चिट देने के बाद प्रशासन के सामने एक नया सवाल खड़ा हो गया है कि आखिरकार जहरीली गैस कहां से आई थी? प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कोल्ड स्टोरों को क्लीन चिट के बाद अब प्रशासन अब यह आशंका व्यक्त कर रहा है कि गांव के पास खेतों में पराली को आग लगाई गई थी, जिसका धुआं लोगों की हालत खराब कर गया। दूसरी आशंका यह भी है कि गांव के पास से मुख्य मार्ग निकलता है, शायद वहां से गैस का कोई टैंकर निकला, जिससे गैस का रिसाव हुआ और लोगों की हालत बिगड़ गई।
बहरहाल, प्रशासन एक दूसरे विभाग का मुंह ताक रहा है। अधिकारी अभी कारण खोजा जा रहा है, यह कहकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं।
कोल्ड स्टोर से गैस रिसाव नहीं: एक्सईएन
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सईएन मनोहर लाल ने बताया कि कोल्ड स्टोर का दौरा किया गया है। जिस समय वरियाणा के लोग उल्टी व सांसें उखड़ने की समस्या झेल रहे थे तब दोनों कोल्ड स्टोरों पर काम करने वाले लोग सो रहे थे। साथ ही सुबह भी लोग यहां काम कर रहे थे। इससे साफ जाहिर होता है कि यह गैस कोल्ड स्टोर से नहीं निकली है।
पीपीसीबी की टीम करेगी जांच: एसडीएम
एसडीएम टू ईशा कालिया ने बताया कि गैस कौन सी थी? इस बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है, लेकिन इसका पता लगाना जरूरी है। इसके लिए पीपीसीबी की टीम को भेजा गया है। उसे ओर समय दिया जा रहा है, ताकि सभी तथ्य सामने आ सके।
अमोनिया गैस को लेक र भी संशय
वहीं सिविल अस्पताल के चिकित्सकों का मानना है कि यह अमोनिया गैस हो सकती है। इससे मरीज की सांसें उखड़ने लगती हैं और आंखों से पानी भी निकलता है, लेकिन इस बारे में निश्चित नहीं है, क्योंकि अमोनिया गैस काफी देर तक जमा रहती है।
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