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बादल साहब ! तुसीं मैनूं मेहमान-मेहमान न कहो

Jalandhar

Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
नवांशहर। दोआबा आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वीरवार को आयोजित स्थापना का शताब्दी समारोह भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच बंधी प्यार की उस डोर का गवाह बना। इस दौरान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जहां कार्यक्रम में लाहौर स्थित कालेज के दिनों को याद किया, वहीं पाकिस्तान सुप्रीमकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस खलील उर रहमान ने यह कह कर सबका दिल जीत लिया, कि उन्हें कम से कम नवांशहर में मेहमान न कहा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से कहा कि बादल साहब ! तुसीं बठिंडा या चंडीगढ़ तो आए हो, मेरा तां नवांशहर च आपणा घर है। तुसीं मैनूं मेहमान-मेहमान न कहो। इस दौरान खलील उर रहमान ने स्कूल स्टाफ व भंगड़ा टीम के साथ डांस भी किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने स्कूल को सौ साल पूरे होने पर बधाई दी और स्कूल को दस लाख रुपये देने की घोषणा भी की। इस मौके पर उत्तराखंड के राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने भी भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को मजबूत करने पर बल दिया। इस दौरान स्कूल के सौ साल पूरे होने पर स्मारिका भी रिलीज की गई।
कार्यक्रम के अंत में आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब के प्रधान सुदर्शन शर्मा, महामंत्री प्रेम भारद्वाज, स्कूल कमेटी के प्रधान सुरिंदर मोहन तेजपाल व प्रिंसिपल आरएस गिल ने मेहमानों को सम्मानित किया। इस मौके पर संसदीय सचिव चौधरी नंदलाल, जगतेश्वर मजीठा, जगजीत सिंह लाली, ललित शर्मा, ललित मोहन पाठक, वरिंदर सरीन, देशबंधु भल्ला आदि उपस्थित थे।
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दोआबा आर्य स्कूल के लिए मांगी दुआ
इस अवसर पर जस्टिस राम दे ने कहा कि उनके पिता जस्टिस मो. सद्दीक कहते थे कि मजहब और धर्म एक दूसरे की मदद के लिए होते हैं, तभी तो एक मुसलमान का बेटा नवांशहर के हिंदुओं द्वारा बनाए आर्य स्कूल में पढ़कर लाहौर हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बन पाया। अगर यह स्कूल न होता तो शायद उनके पिता भी खेतों में हल चला रहे होते और वह, उनके भाई सुप्रीम कोर्ट के जज, अटार्नी जनरल आफ पाकिस्तान और पाक सरकार में मंत्रियों के पदों तक न पहुंच पाते। उन्होंने कहा कि मां और गुरुजनों का कर्ज नहीं उतारा जा सकता, लेकिन पिता की याद में स्कूल में कांप्लेक्स बनवाकर वह उन लोगों का आभार जताना चाहते हैं, जिन्होंने सौ साल पहले इस स्कूल को बनाकर उनके पिता के साथ उनकी और उनके भाइयों की जिंदगी बदल ली। उन्होंने दुआ की कि दोआबा आर्य स्कूल 100 गुणा तरक्की करे।
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