आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

पांच दिन की देरी ने फिर छेड़ दी भाजपा में जंग

Jalandhar

Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
जालंधर। सीनियर डिप्टी मेयर की कुर्सी के लिए शिअद नेताओं में जंग का असर मेयर की कुर्सी पर भी पड़ गया है। मेयर कुर्सी के लिए भाजपा व आरएसएस की ओर से एक युवा पार्षद के नाम पर सहमति बना ली गई थी, लेकिन पांच दिन के वक्त के कारण दोबारा जोड़-तोड़ का सिलसिला शुरू हो गया है। अमृतसर में मेयर का चयन हो चुका है, लेकिन जालंधर में मेयर कौन होगा? इसको लेकर असमंजस की स्थिति फिर से बन गई है।
मेयर का चयन वीरवार को होना था, इसको लेकर मंगलवार को चंडीगढ़ में भाजपा नेताओं की बैठक में सब कुछ फाइनल कर लिया गया था। ऐसा सामने आ रहा था कि भाजपा की इस बैठक में भगवंत प्रभाकर के नाम पर सहमति बन गई है। मेयर की कुर्सी के लिए प्रबल दावेदार रवि महेंद्रू, सुनील ज्योति, मिंटा कोछड़ को झटका लगना स्वभाविक था। पर शिअद में छिड़ी जंग भाजपा के उन नेताओं को रास आ गई है, जो इस कुर्सी के लिए प्रबल दावेदार थे और मेयर की कुर्सी की दौड़ में लगभग हार चुके थे। उनको दोबारा आशा कि किरण नजर आने लगी है।
पिछली बार भी रवि महेंद्रू मेयर की कुर्सी के प्रबल दावेदार थे, लेकिन आरएसएस की पसंद से राकेश राठौर को जालंधर के मेयर की कुर्सी मिल गई। हालांकि तत्कालीन स्थानीय निकाय मंत्री मनोरंजन कालिया ने काफी कोशिश की कि वह अपने साथी रवि महेंद्रू को मेयर की कुर्सी पर बैठा सकें। रवि महेंद्रू के लिए इस बार भी मनोरंजन कालिया जोर लगा रहे हैं। कालिया भाजपा में इस समय खुद हाशिये पर हैं और पंजाब में किशन देव भंडारी व कमल शर्मा की लॉबी पॉवरफुल है। भंडारी ने अपने चहेते सुनील ज्योति को कुर्सी दिलाने के लिए प्रयासरत थे।
सूत्रों के मुताबिक एक समय आया कि जंग सुनील ज्योति व रवि महेंद्रू के बीच आ गई और मेयर की कुर्सी कालिया व भंडारी के लिए अहम का सवाल बन गया है। चूंकि रवि महेंद्रू पार्टी के काफी सीनियर पदाधिकारी हैं और पार्टी के लिए उनको दरकिनार करना काफी मुश्किल लग रहा था। आरएसएस व भाजपा के शीर्ष नेताओं ने इसके लिए फार्मूला निकाला कि सुनील ज्योति व रवि महेंद्रू दोनों को रहने दिया जाए और किसी तीसरे को कमान सौंप दी जाए, ऐसे में नाम निकलकर आया भगवंत प्रभाकर का। मंगलवार को प्रभाकर के नाम पर सहमति बना ली गई, लेकिन अचानक शिअद ने पंगा डालकर 20 सितंबर को होने वाले मेयर चयन समारोह को अगले पांच दिन तक स्थगित करवा लिया। अब दोबारा कालिया व भंडारी सक्रिय हो गए हैं और अपने खासमखास नेता को बैठाने के लिए राजनीति की चाल चल रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

पुरुषों के लिए फायदेमंद है अंकुरित चनों का सेवन, कमजोरी करता है दूर

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Open Letter: हीरोइन का अपडेटेड वर्जन नाकाबिले बर्दाश्त क्यों?

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

'रामायण' बनाने वाले की पड़पोती की तस्वीरें वायरल

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

यह खिलाड़ी साबित हुआ भारत के लिए विभीषण

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

बिग बी और तापसी के साथ राष्ट्रपति ने देखी 'पिंक'

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top