आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हालत बुरी है कमाऊ पूतों की

Jalandhar

Updated Fri, 31 Aug 2012 12:00 PM IST
जालंधर। हर साल करीब दो हजार करोड़ का राजस्व देने वाली जालंधर की इंडस्ट्री मूलभूत सुविधाओं को तरस रही है। बात चाहे फोकल प्वाइंट की हो या इंडस्ट्रियल एस्टेट की, हर जगह हालात बद से बदतर हो चुके हैं। सड़कें टूट चुकी हैं, स्ट्रीट लाइटें जलती नहीं है, सीवरेज पर बोझ बढ़ चुका है।
फोकल प्वाइंट में कुल इंडस्ट्री -200
फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन में इंडस्ट्री - 350
गदईपुर में इंडस्ट्री - 250
इंडस्ट्रियल एस्टेट में कुल फैक्टरियां - 100
सरकार को राजस्व मिलता है - करीब दो हजार करोड़ प्रति वर्ष। इसमें सीएसटी, वैट, आयकर और अन्य टैक्स शामिल हैं

फोकल प्वाइंट के हालात
- फोकल प्वाइंट और फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन में चार साल पहले सड़कों का निर्माण हुआ था। इन सड़कों में जो कंक्रीट की सड़कें थीं, वे कुछ ठीक हालात में हैं जबकि लुक और बजरी की सड़कें टूट चुकी हैं। इससे ट्रांसपोर्ट भी प्रभावित है। फोकल प्वाइंट में भगवान विश्वकर्मा मंदिर का मार्ग तो गड्ढों में तबदील हो चुका है।
- स्ट्रीट लाइट के लिए 2007 में तत्कालीन उद्योग मंत्री मनोरंजन कालिया ने फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन को एक करोड़ रुपये दिए थे। जिस कंपनी को ठेका दिया गया उसने कामकाज ही गलत कर डाला। इसकी उच्चस्तरीय शिकायत हुई और ठेकेदार अब तक एक-एक प्वाइंट को बदल रहा है। पुरानी लाइटें खराब हो चुकी हैं। करीब 70 फीसदी एरिया में स्ट्रीट लाइट न के बराबर हैं।
- फोकल प्वाइंट और एक्सटेंशन के लिए एक तरफ सीवरेज लाइन बिछाई गई थी। फोकल प्वाइंट के दूसरे छोर को मुख्य सीवरेज लाइन से जोड़ा ही नहीं गया। नतीजतन सीवरेज जाम रहता है क्योंकि पहले फोकल प्वाइंट में काफी कम इंडस्ट्री थी, लेकिन अब पूरी तरह से फुल हो चुकी है।


मामला गदईपुर का
गदईपुर पहले एक गांव था, जो कारपोरेशन एरिया में था। 2007 में भाजपा-शिअद की सरकार बनी तो इस एरिया को एक साल के भीतर ही इंडस्ट्री जोन घोषित कर दिया गया। इस एरिया में देखते ही देखते 250 फैक्टरियां लग र्गइं। इसमें कई बड़े यूनिट भी स्थापित हो गए। गदईपुर के विकास का मुख्य कारण यह था कि यह इलाका फोकल प्वाइंट से सटा हुआ है।

- गदईपुर में आज तक सीवरेज नहीं डल पाया है। इस एरिया में तीन-चार साल पहले नगर निगम ने सीवरेज डालने के लिए पैसा पास किया था। बाद में निगम के पास पैसा नहीं था, इसको रोक लिया गया।
- इसके बाद केंद्र सरकार की स्कीम आई, जिसमें शहरी क्षेत्रों में 100 फीसदी सीवरेज व्यवस्था दी जानी थी। इसमें नगर निगम को अपने हिस्से का 10 फीसदी शेयर डालना था। निगम की आर्थिक हालत काफी खस्ता थी, इसलिए यह स्कीम भी फेल हो गई।
- सीवरेज नहीं डल पाया तो सड़कों का निर्माण भी नहीं हुआ।
- आज तक एक स्ट्रीट लाइट का प्वाइंट इस एरिया में नहीं लगा।


सरकार लेना जानती है, खर्च करना नहीं: सग्गू
फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन के प्रधान नरिंदर सग्गू का कहना है कि हमारे यहां ऐसी यूनिटें भी हैं जो साल का 2-3 करोड़ रुपये तक का राजस्व देती हैं, लेकिन यहां की हालत काफी खस्ता हो चुकी है। सरकार टैक्स तो वसूल करती है, लेकिन खर्च कुछ भी नहीं कर रही। इससे बिजनेस प्रभावित हो रहा है क्योंकि इसका असर आने जाने वाली ट्रांसपोर्ट पर हो रहा है।

एक फीसदी रेवेन्यू ही खर्च कर दो हमारे ऊपर : भसीन
गदईपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान तजिंदर भसीन का कहना है कि पिछले छह साल से हम लोग सीवरेज व सड़कों को तरस गए हैं। 250 इंडस्ट्री से प्राप्त होने वाले रेवेन्यू का एक फीसदी भी सरकार इस पर खर्च कर दे तो यहां की हालत सुधर सकती है। गदईपुर में तो गलियों में गहरे गड्ढे बने हैं। उद्यमी अपने स्तर पर इसका विकास करवाकर ही कामकाज चला रहे हैं।

विकास जल्द ही रफ्तार पकड़ेगा : भंडारी
इलाके का नेतृत्व करने वाले मुख्य संसदीय केडी भंडारी का कहना है कि उद्यमियों की हर समस्या का हल पहल के आधार पर किया जाएगा। गदईपुर में सीवरेज ऑन प्रोसेस है। इसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। पिछली सरकार के समय फोकल प्वाइंट और एक्सटेंशन को आठ करोड़ की राशि दी गई थी। काफी सड़कें टूट गई हैं, जिनका निर्माण किया जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

tor puton

स्पॉटलाइट

मॉम सुष्मिता की तरह की स्टाइलिश है बड़ी बेटी रैने

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

कुछ ही सेकेंड में ये ‘खास चीज’ स्किन पर लाएगी instant glow

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

B'Day Spl: साउथ का ये छोरा 'रांझणा' बन न जानें कितनों को कर गया था दीवाना

  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

अजान विवाद: जब आवाज सुनते ही सलमान खान ने रुकवा दी थी प्रेस कॉन्फ्रेंस...

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

शिव पर चढ़ने वाला बेलपत्र इन बीमारियों का भी करता है इलाज

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

Most Read

ये है बिहार का राजनीतिक गणित, जानिए किसके साथ बन सकती है सरकार

What will be bihar's new political equations after nitish kumar's resignation
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

नीतीश के इस्तीफे पर अखिलेश का तंज, ट्वीट किया ये गाना

akhilesh yadav tweets about bihar matter
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

बस से उतरकर सड़क पार कर रहे मासूम को टेंपो ने कुचला, बवाल

Innocent Tango has crushed,
  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

छपरा में लालू समर्थकों ने डीएम को पीटा, जाम हटाने गई पुलिस पर पथराव

Dispute between DM and RJD workers in Chhapra district of Bihar
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

समायोजन रद्द होने पर यूपी के शिक्षामित्रों में उबाल, कई जगह प्रदर्शन

Shiksha Mitra Upon cancellation of the adjustment of UP education, stir in many places
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!