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तीस करोड़ खर्चने पर भी समस्या से निजात नहीं

Jalandhar

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
जालंधर। मानसून की दस्तक से पहले कमर कसने के बावजूद लोगों को डायरिया व पीलिया से बचाने में नगर निगम फेल हो रहा है। सेहत विभाग के पास दर्ज डायरिया और पीलिया के आंकड़े हकीकत को जाहिर करने के लिए पर्याप्त हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक जालंधर में हर साल तीन से चार हजार लोग डायरिया व पीलिया की गिरफ्त में आते हैं। हालांकि नगर निगम यहां पानी की पाइपों की संभाल के लिए तीस करोड़ रुपये खर्च करता है, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं महानगर में आधी से ज्यादा पीने की पाइपों की लाइफ पूरी हो चुकी हैं।
नगर निगम के अधिकारी बताते हैं कि महानगर में पीने के पाइपों की लाइफ 12 साल है, लेकिन यहां अधिकतर पाइपें 30 साल पुरानी हो चुकी हैं और ये पाइपें ही पीलिया व डायरिया फैलने का कारण बनती हैं। पिछले एक साल में ढन्न मोहल्ला, किला मोहल्ला, सहगल मोहल्ला, खिंगरा गेट, गुरु नानक पुरा, चौग्गिटी, बस्ती पीरदाद, बस्ती मिट्ठु और खुरला किंगरा सहित इलाकों में डायरिया व पीलिया अपनी दस्तक दे चुका है। यहां तीन हजार मरीजों को डायरिया व पीलिया की पुष्टि हुई थी। अकेले गुरु नानक पुरा में ही पांच लोगों की उल्टी दस्त से मौत हो चुकी है। अब बस्ती पीरदाद में पीलिया की दस्तक हो चुकी है। यहां 30 से ज्यादा लोग पीलिया व सौ से ज्यादा लोग उल्टी दस्त के शिकार हैं। बीमारी फैलने के 13 दिन बाद भी नगर निगम व सेहत विभाग इलाके में डेरा जमाए बैठे हुए हैं।
जालंधर के सिविल सर्जन डा. आरएल बस्सन का कहना है कि दूषित पेयजल के कारण ही डायरिया व पीलिया फैलता है। कई बार पानी के सैंपल फेल भी आ चुके हैं। इस संबंधी कार्रवाई करने का अधिकारी नगर निगम के पास हैं। वह निगम अधिकारियों को समस्या से अवगत करवा देते हैं।
वहीं नगर निगम के एक्सईएन पीएस जग्गी का कहना है कि हर साल तीस करोड़ रुपये खर्च किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कुछ जगहों पर समस्या पेश आती है। इससे अतिशीघ्र निपटा जाता है। इसके अलावा पानी की पाइपों को फाल्ट आने पर बदल दिया जाता है।

नहीं होता कोई सर्वे
नगर निगम के पास महानगर की आधी से ज्यादा पाइपों की समय सीमा (अवधि) समाप्त होने की जानकारी है, लेकिन कहीं भी सर्वे नहीं किया जाता। पहले समस्या निगम के सामने आती है तो बाद में निगम कार्रवाई के लिए भागता है। अगर सर्वे हो डायरिया व पीलिया पर अंकुश पाया जा सकता है।
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