आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

तीस करोड़ खर्चने पर भी समस्या से निजात नहीं

Jalandhar

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
जालंधर। मानसून की दस्तक से पहले कमर कसने के बावजूद लोगों को डायरिया व पीलिया से बचाने में नगर निगम फेल हो रहा है। सेहत विभाग के पास दर्ज डायरिया और पीलिया के आंकड़े हकीकत को जाहिर करने के लिए पर्याप्त हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक जालंधर में हर साल तीन से चार हजार लोग डायरिया व पीलिया की गिरफ्त में आते हैं। हालांकि नगर निगम यहां पानी की पाइपों की संभाल के लिए तीस करोड़ रुपये खर्च करता है, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं महानगर में आधी से ज्यादा पीने की पाइपों की लाइफ पूरी हो चुकी हैं।
नगर निगम के अधिकारी बताते हैं कि महानगर में पीने के पाइपों की लाइफ 12 साल है, लेकिन यहां अधिकतर पाइपें 30 साल पुरानी हो चुकी हैं और ये पाइपें ही पीलिया व डायरिया फैलने का कारण बनती हैं। पिछले एक साल में ढन्न मोहल्ला, किला मोहल्ला, सहगल मोहल्ला, खिंगरा गेट, गुरु नानक पुरा, चौग्गिटी, बस्ती पीरदाद, बस्ती मिट्ठु और खुरला किंगरा सहित इलाकों में डायरिया व पीलिया अपनी दस्तक दे चुका है। यहां तीन हजार मरीजों को डायरिया व पीलिया की पुष्टि हुई थी। अकेले गुरु नानक पुरा में ही पांच लोगों की उल्टी दस्त से मौत हो चुकी है। अब बस्ती पीरदाद में पीलिया की दस्तक हो चुकी है। यहां 30 से ज्यादा लोग पीलिया व सौ से ज्यादा लोग उल्टी दस्त के शिकार हैं। बीमारी फैलने के 13 दिन बाद भी नगर निगम व सेहत विभाग इलाके में डेरा जमाए बैठे हुए हैं।
जालंधर के सिविल सर्जन डा. आरएल बस्सन का कहना है कि दूषित पेयजल के कारण ही डायरिया व पीलिया फैलता है। कई बार पानी के सैंपल फेल भी आ चुके हैं। इस संबंधी कार्रवाई करने का अधिकारी नगर निगम के पास हैं। वह निगम अधिकारियों को समस्या से अवगत करवा देते हैं।
वहीं नगर निगम के एक्सईएन पीएस जग्गी का कहना है कि हर साल तीस करोड़ रुपये खर्च किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कुछ जगहों पर समस्या पेश आती है। इससे अतिशीघ्र निपटा जाता है। इसके अलावा पानी की पाइपों को फाल्ट आने पर बदल दिया जाता है।

नहीं होता कोई सर्वे
नगर निगम के पास महानगर की आधी से ज्यादा पाइपों की समय सीमा (अवधि) समाप्त होने की जानकारी है, लेकिन कहीं भी सर्वे नहीं किया जाता। पहले समस्या निगम के सामने आती है तो बाद में निगम कार्रवाई के लिए भागता है। अगर सर्वे हो डायरिया व पीलिया पर अंकुश पाया जा सकता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

same problem

स्पॉटलाइट

ऐश्वर्या राय सोशल मीडिया से रहेंगी दूर, पति अभिषेक ने लगाया बैन, वजह चौंका देगी

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Film Review: मैं 'रंगून' जाऊं कि नहीं, तय करें...

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

सौ साल की हुई पहली डबल रोल फिल्म

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

यात्रा करते समय आती हैं उल्टियां? अपनाएं ये तरीके

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा में सात नेताओं पर‌ गिरी अखिलेश की गाज, पार्टी से बाहर

seven expelled from SP.
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

ये है अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग, 50 साल पहले जमीन से निकला था बाहर

endless shivling in kanpur
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top