आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

केंद्र की जमीन लोगों के नाम अलाट करने में जुटा वक्फ बोर्ड

Firozpur

Updated Sat, 22 Dec 2012 05:31 AM IST
फिरोजपुर। छावनी बस स्टैंड के नजदीक केंद्र सरकार की जमीन वक्फ बोर्ड रसीदे काटकर लोगों के नाम अलाट करने में जुटा है। जबकि उक्त जमीन डीईओ (डिफेंस एस्टेट आफिसर) व सीईओ (कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी) के अंतर्गत आती है। असल में यह जमीन केंद्र सरकार की है और मुसलमानों को कब्रिस्तान के लिए दी गई थी। अब यहां पर लोगों ने मकान व दुकानें बना ली हैं। मौजूदा समय में उक्त जमीन की कीमत करोड़ों रुपये है।
यहां रहने वाले राजिंदर सिंह ने बताया कि छावनी बस स्टैंड के नजदीक सर्वे नंबर-276 में उसकी जमीन है। वक्फ बोर्ड के अधिकारी उससे किराया वसूलते थे। जब उसे पता चला कि इस जमीन पर इनका हक नहीं है तो उसने किराया देना बंद कर दिया था। किराया बंद करने के बाद वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने उसके नाम की जमीन किसी और व्यक्ति के नाम अलाट कर दी। जबकि जमीन पर कब्जा उसका है। उसने बताया कि ये केंद्र सरकार की जमीन है और डीईओ व कैंटोनमेंट बोर्ड का इस पर कब्जा है। इसी विभाग के कर्मचारी किराया भी वसूल करने के हकदार हैं। उसने बताया कि वक्फ बोर्ड के अधिकारी कहते हैं कि गवर्नमेंट आफ इंडिया ने एक नोटिफिकेशन जारी कर ये जमीन उनके नाम घोषित की थी। जबकि इस नोटिफिकेशन के जवाब में बलविंदर सिंह और मेहताब सिंह ने कैंटोनमेंट बोर्ड के खिलाफ एक दीवानी दावा किया था। उस समय वक्फ बोर्ड की तरफ से वक्फ बोर्ड के रेंट कंट्रोलर पंजाब मोहम्मद बशर खान दस्तावेज समेत बतौर गवाह पेश हुए थे। तत्कालीन अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बीर इंद्र सिंह ने उक्त जमीन का फैसला कैंटोनमेंट बोर्ड के हक में सुनाते हुए कहा था कि गवर्नमेंट आफ इंडिया का नोटिफिकेशन और इंतकाल गैरकानूनी है। ये केंद्र सरकार की जमीन है, इस पर वक्फ बोर्ड का कोई हक नहीं है। राजिंदर सिंह ने कहा कि फिर भी वक्फ बोर्ड के अधिकारी जमीन का किराया लेने के लिए रसीदें काट रहे हैं। जो किराया नहीं देता उसकी जमीन किसी और व्यक्ति के नाम कर रहे हैं। उक्त जमीन चार एकड़ है। मौजूदा समय में उक्त जमीन की कीमत करोड़ों रुपयों में है।
उधर, वक्फ बोर्ड फिरोजपुर के स्टेट आफिसर जगदीश चंद व मोहम्मद नजीर का कहना है कि उक्त जमीन उनकी है और किराया वसूल रहे हैं। दूसरी तरफ कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि उक्त जमीन पर उनका हक है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

'बैंक चोर' के प्रमोशन के लिए रितेश ने अपनाया अनोखा तरीका, हंसते हंसते हो जाएंगे लोटपोट

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

आईआईटी की 1100 सीटों पर सिर्फ 222 विदेशी छात्रों ने किया अप्लाई

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

शनि के प्रकोप को कम कर देते हैं ये पांच उपाय, आजमाकर देखें

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

पहली ही फिल्म में अक्षय के साथ बोल्ड सीन दे चर्चा में आई थी ये हीरोइन, अब हो गई है ऐसी

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफल: वृष में आएंगे सूर्य, इन राशियों पर पड़ेगा असर

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

Most Read

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश: बलिया में सपा नेता की गोली मारकर हत्या

UP: SP leader Sumer Singh shot dead by motorcycle borne miscreants in Ballia
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

मीट कारोबारियों ने दी धमकी, स्लाटर हाउस चालू कराएं नहीं तो तोड़ देंगे कानून

UP Meat businessmen threaten, start slater house, otherwise break law
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

योगी सरकार ने बदला पेंशन योजना का नाम, अब मिलेंगे एक हजार रुपये

 UP govt to give 1000 rps under pension yojna.
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उन्नावः पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक, जान बचाने को ट्रेन से कूदे यात्री

derail of lokmanya tilak in unnao
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +

शादी के 16 साल बाद पत्नी ने बदला धर्म, फिर जो हुआ...

wife has changed her religion after 16 years of marriage
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top