आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

झुलसा रोग से सैकड़ों एकड़ फसल तबाह

Firozpur

Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
अबोहर (फिरोजपुर)। डीजल खाद और कीटनाशक दवाओं की हुई मूल्य वृद्धि का दंश झेल रहे अबोहर के किसानों की 80 फीसदी नरमे की फसल झुलसा रोग के चलते पूरी तरह से खराब हो गई है। इसके चलते किसानों ने फसल पर ट्रैक्टर चला दिया है।
गांव हरीपुरा के किसान सतीष गोदारा, ज्ञान प्रकाश भादू, महीराम खलेरी, ओम विष्णु, संजय खलेरी, प्रेम सहारण, कृष्ण सहारण, संजय खोखर, बेधड़क सिंह गोदारा, आलमदीप सिंह, राजीव गोदारा, अश्विनी गोदारा, तथा अजय गोदारा ने बताया कि उन्होंने उच्च क्वालिटी का नरमा बीज बोया था। इसके बाद अच्छा उत्पादन लेने के लिए कृषि विश्वविद्यालय से प्रमाणित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी किया। लेकिन कुछ दिनों से पूरे क्षेत्र में नरमे की फसल खराब होने लगी है। नरमें के पत्ते काले होकर सिकुड़ गए हैं। जबकि टिंडे तो दूर, पौधे में फूल भी नहीं लगे हैं।
अखिल भारतीय बिशभनोई युवा संगठन के सीनियर उपाध्यक्ष राजीव गोदारा ने बताया कि बार-बार कृषि अधिकारियों को सूचित करने पर भी किसी ने किसानों की सुध नहीं ली। उन्होंने बताया कि खराब होती फसल के बचाव के लिए उन्होंने विभिन्न प्रकार की प्रमाणित दवाओं का छिड़काव भी किया। लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ। गोदारा ने बताया कि करीब 25 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से ठेके पर जमीन लेने वाले किसानों ने करीब 8 हजार रुपये प्रति एकड़ खाद, बीज और दवा के छिड़काव पर खर्च किया है। ऐसे में करीब 33 हजार रुपये प्रति एकड़ खर्च करने वाले किसानों के खेतों में 1 मन नरमा भी पैदा नहीं हुआ है।
ओम बिष्णु और हनुमानदास ने बताया कि नरमे की फसल खराब होने से उनकी वित्तीय हालत बेहद नाजुक हो गई है। किसान बेधड़क सिंह ने बताया कि फसलें खराब होने पर किसानों को कृषि विभाग की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि किसानों को बचाने के लिए फसल बीमा योजना लागू की जाए। सरकार से खराब हुई फसलों का तुरंत प्रभाव से मुआयना किया जाए तथा उचित मुआवजा जारी करे।
अधिक गर्मी और देर से आई वर्षा से फसल खराब
इस बारे में सहायक पौध सुरक्षा अधिकारी सुखदेव सिंह बराड़ ने बताया कि पहले अधिक गर्मी और लेट आई बरसात के कारण ही किसानों की फसलें खराब हुई हैं। उन्हाेंने कहा कि अक्टूबर के अंत तक पड़ रही तेज गर्मी ही नरमें के लिए घातक साबित हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी खराब हुई फसलों का जायजा ले रहे हैं और इसकी रिपोर्ट भी वे सरकार को भेजेंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

devastated hundreds

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top