Breaking News in Hindi Thursday, April 17, 2014
ताज़ा ख़बर >

आपके शहर की ख़बरें

Home > State > Uttarakhand

इन मासूमों को मालूम नहीं था कि अब पापा नहीं आएंगे

यहां भूस्खलन से सड़क अवरुद्ध हुई तो देहरादून से उत्तरकाशी की ओर जा रहे वाहनों के पहिए थम गए। आम से लेकर खास सभी परेशान थे, लेकिन गाड़ी से उतरकर वहां बहते पानी से खेलते दो मासूमों के चेहरों पर शिकन भी नहीं थी।

हर खबर से बेखबर पानी की लहरों से खेलते इन बच्चों को ये भी नहीं मालूम था कि पानी ने ही उनके पिता को हमेशा के लिए उनसे छीन लिया। सात साल के अमित व उसके पांच साल के भाई ललित ही नहीं उनकी मां सुनीता को भी गांववालों ने अभी तक नहीं बताया कि केदारनाथ हादसे में उनका सब कुछ उजड़ चुका है।

उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज के ‌लिए ‌क्लिक करें


दिल्ली में रहने वाले कामदा चिन्यालीसौड़ निवासी निहाल सिंह पुत्र नारायण सिंह, जितेंद्र व उनका एक और साथी दिल्ली से टैक्सियों में तीर्थयात्रियों को केदारनाथ की यात्रा कराने ले गए थे। यात्री केदारनाथ चले गए और ये तीनों सीतापुर में अपनी गाड़ियों में ही सो गए थे।

लाशें हरिद्वार तक पहुंच गईं
16 जून की रात आठ बजे निहाल ने आखिरी बार फोन पर गांव में बात की थी और जल्द ही बच्चों को साथ लेकर गांव आने की बात कही थी। केदारनाथ में सैलाब आया और लाशें हरिद्वार तक पहुंच गईं। गांव वाले भी निहाल की तलाश में वहां गए और लक्सर में उसके शव की शिनाख्त हो गई। वहीं उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

अब गांव वाले निहाल की पत्नी व उसके दोनों बेटों को दिल्ली से छुट्टियों के बहाने गांव लिवा ले जा रहे हैं। पत्नी सुनीता को बताया गया है कि निहाल को थोड़ी चोट लगी है। बच्चे तो खैर पूरी तरह हकीकत से अनजान हैं। लेकिन निहाल की मौत का कड़वा सच केवल सफर तक ही छिपा रहेगा। शाम होते ये लोग कामदा पहुंचेंगे तब उन्हें रात का स्याह अंधेरा जीवन में भी छा जाने का पता लगेगा।

भावनाएं जुड़ती गईं

मौरियाणा टॉप पर लगे जाम में फंसे लोगों को जैसे-जैसे इन बच्चों के सिर से पिता का साया उठने की जानकारी लगती गई उनकी भावनाएं बच्चों के साथ जुड़ती गई। हर व्यक्ति इन बच्चों पर प्यार बरसाने को आतुर था, लेकिन हर कोई इसका ध्यान भी रख रहा था कि बच्चों को सच्चाई का पता न लग जाए।

एंड्रॉएड ऐप पर अमर उजाला पढ़ने के लिए क्लिक करें. अपने फ़ेसबुक पर अमर उजाला की ख़बरें पढ़ना हो तो यहाँ क्लिक करें.

Share on Social Media

प्रमुख ख़बरें

सीरिया में लड़ाके कर रहे सोशल मीडिया का इस्तेमाल

Fighters in Syria are using social media सीरिया में चल रहे गृह युद्ध में शामिल विदेशी लड़ाके सोशल मीडिया का...

दूल्हा बनने से पहले क्यों लगाया मौत को गले?

The young man had immolated परिवार में शादी को लेकर छाई खुशियां मातम में बदल गईं, जब दूल्हे...

जशोदाबेन की वजह से मोदी के ससु‌रालियों की आफत आई!

modi of mehsana in spotlight after jashodaben name public as narendra modi wife मोदी का ससुराल पक्ष इन दिनों मीडिया से बचने की कोशिश कर रहा...

चंदे के नए तरीके: 5 हजार में मोदी का फोटो, 250 में टोपी

Aap and bjp's different idea for fundraising इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा और आम आदमी पार्टी जनता से...

ख़बरें राज्यों से

गाड़ी की छत पर बैठे राहुल तो हो गया बवाल

Cops slap notice on SPG for allowing Rahul to sit atop SUV राहुल गांधी गाड़ी की छत पर बैठे तो बवाल हो गया लेकिन क्यों?...

सड़क पर पंचर, वहीं बनाने लगे, तीनों को कार ने कुचला

car accident in chhatisgarh छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में हुए एक दर्दनाक कार हादसे में तीन युवकों...

चंदेल परिवार से मिलने क्यों गया हर उम्मीदवार?

why every candidate goes to meet chandel family. बिहार के पटना में चुनाव में खड़े बहुत सारे उम्मीदवार लोहानीपुर इलाक़े में...

नीतीश को गढ़, लालू को नाक बचाने की चुनौती

poll equations in bihar बिहार की सात सीटों पर हो रहे मतदान में नीतीश कुमार को अपना...