Breaking News in Hindi Monday, May 25, 2015

Home > City > Almora >

हर साल आपदा में समाते स्कूल भवन

रानीखेत। नगर का एकमात्र राजकीय बालिका इंटर कालेज हर साल आपदा में खतरे की जद में आता जा रहा है। तीन साल पहले नए कक्षों के निर्माण के दौरान हुए भूस्खलन के कारण ध्वस्त पांच कक्षाओं को तो ठीक नहीं किया गया, अब शेष बची हुई कक्षाओं पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। गत 20 अगस्त को हुई अतिवृष्टि ने विद्यालय प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इन हालातों में छात्राओं की जान खतरे में आ चुकी है।
राजकीय बालिका इंटर कालेज की स्थापना 1929 में हुई। 1995 तक यहां लगभग डेढ़ हजार बालिकाएं पढ़ती थीं, राज्य बनने के बाद अध्यापकों के साथ-साथ छात्राओं की संख्या में भी कमी आई। वर्तमान में यहां लगभग आठ सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं। दूसरी तरफ विद्यालय में तीन साल पूर्व आपदा की भेंट चढ़े चार पुराने कक्षों को आज तक ठीक नहीं किया गया है। 2008 में विभाग ने यहां छह नए कक्षों को स्वीकृति दी। इसके लिए 59 लाख रुपये स्वीकृत हुए। निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस विभाग को सौंपी गई। पहली किस्त के रूप में मिले 36 लाख रुपये से कमरों का निर्माण विद्यालय भवन के ठीक नीचे चल रहा था। लेकिन कटान के दौरान पुराने कमरों की नींव हिल गई, 2010 में आई आपदा के कारण विद्यालय के पांच पुराने कक्ष ध्वस्त हो गए। आरईएस ने तीन कमरे बनाए और निर्माण कार्य रोक दिया। खंड शिक्षा अधिकारी एचआर राजन ने बताया कि पुराने ध्वस्त कमरों को ठीक करने के लिए तहसील प्रशासन आपदा मद के दायरे से बाहर रख रहा है। कई बार विभाग को लिखा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। कक्षा कक्षों की कमी के चलते बालिकाएं प्रयोगशाला में पठन पाठन कर रही हैं। प्रभारी प्रधानाचार्या शीला मिश्रा ने कहा कि परिसर में लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिस कारण कमरों के अंदर पठन पाठन कार्य कराने से डर लग रहा है। आरईएस ने जो भी कमरे बनाए हैं, उनमें तमाम तरह की खामियां हैं। जिन्हें हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।
-भूस्खलन वाली जमीन पर नए कक्ष बन रहे थे। कटान के दौरान पूरा मलबा नीचे आ गया। रिटर्निंग वाल और सफाई में 11 लाख रुपये खर्च हो गए। 2011 में विभाग ने दूसरी किस्त के रूप में 23 लाख रुपये दिए। धन की कमी के कारण तीन कमरे ही बने हैं। अब शिक्षा निदेशालय को रिवाइज इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है।
-बीएस नेगी, ईई, आरईएस

ज़बर खबर : पढ़ना न भूलें

खुल गया भेद, यही था सलमान का तीन उंगली दिखाने का मतलब

इस महीने की शुरुआत में जेल जाते-जाते बचे सलमान के उस इशारे का भेद खुल गया है, जो उन्होंने सरेआम बालकनी में खड़े होकर किया था।

एंड्रॉएड ऐप पर अमर उजाला पढ़ने के लिए क्लिक करें. अपने फ़ेसबुक पर अमर उजाला की ख़बरें पढ़ना हो तो यहाँ क्लिक करें.

Almora News in Hindi by Amarujala Digital team. Visit our homepage for more News in Hindi.


Share on Social Media

प्रमुख ख़बरें

जब साथी बल्लेबाज ने ही रोहित को बैटिंग के लिए कराया लंबा इंतजार

rohit sharma wait 19 balls for batting in final आईपीएल-8 के फाइनल में जब रोहित शर्मा आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे तो...

CSK का सपना तोड़ MI दूसरी बार बनी IPL चैंपियन

LIVE:chennai super kings vs mumbai indians, ipl 8 कोलकाता के ईडन गार्डंस में आईपीएल-8 की खिताबी जंग में चेन्नई सुपर किंग्स...

इंग्लैंड ने अपनी ही धरती पर बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड

england made a bad record against new zeland न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने अपनी ही धरती में...

नफरत की इंतहा, शौचालय में बहा दी बीवी की अस्थियां

husband flushes wife's ashes into the toilet खबर जरूर चौंकाने वाली है। जिंदगीभर नफरत की आग में जल कर पत्नी...

ख़बरें राज्यों से

गुर्जर आंदोलन उग्र, रेल ट्रैक के बाद हाइवे जाम

Gujjar agitation Was furious, now natioanl highway was also jam राजस्‍थान में चल रहा गुर्जरों का आंदोलन उग्र हो गया है। रेलवे ट्रैक...

200 दलितों को कुएं का पानी पीने से रोका

200 Dalits were prevented from drinking water on well एमपी के एक गांव में आज भी सामंती व्यवस्‍था चली आ रही है...

बिहार 12वीं साइंस टॉपर की कहानी बढ़ाती है हौसला

sell everything to teach my son पैसे की तंगी के कारण जो जिला मुख्यालय तक के सीबीएसई...

रमन सिंह के राज में भूख से तड़प-तड़पकर बच्चे की मौत

child deaths from thirst and hunger चावल वाले बाबा रमन सिंह के राज्य में अपने पिता और भाई को...