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तकनीकी गड़बड़ी में उलझा ग्रीन हाउस का निर्माण

प्रतापगढ़। तकनीकी गड़बड़ी के चलते ग्रीन हाउस का निर्माण बीते वित्तीय वर्ष में नहीं हो सका। इसके लिए अनुदान राशि शासन से नहीं आई। इधर किसानों ने ऋण के लिए आवेदन भी कर दिया था।
वातानुकूलित खेती के लिए किसानों के खेतों में ग्रीन हाउस का निर्माण होना था। इसके लिए आठ किसानों का चयन हो गया था। किसानों के खेतों में 500 वर्गफिट में ग्रीन हाउस के निर्माण की बात कही गई थी। उद्यान विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली थी। इसके लिए किसानों को बैंकों से ऋण लेने के लिए आवेदन भी करवा दिया गया था। वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी जब शासन ने बजट नहीं भेजा तो इसकी जांच की गई। जांच में पता चला कि ग्रीन हाउस निर्माण के लिए 500 वर्गफिट नहीं कम से 1000 वर्गफिट जमीन होनी चाहिए। इससे वित्तीय वर्ष 2012-13 में इसके लिए बजट नहीं मिल सका। दोबारा कार्ययोजना बनाई गई तो किसानों ने इससे किनारा कर लिया है। इसका कारण यह है कि 500 वर्गफिट ग्रीन हाउस के निर्माण में शासन से मिलने वाले 60 प्रतिशत अनुदान के बाद डेढ़ लाख रुपये की लागत आनी थी। 1000 वर्गफिट में इसकी दुगुनी लागत आनी है। लागत ज्यादा होने के कारण किसान पीछे हट रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए फिर से कार्ययोजना भेजी गई है लेकिन अभी इसके लिए बजट आने में देर है। इस बाबत जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम भाष्कर ने बताया कि ग्रीन हाउस के लिए शासन ने अनुदान राशि नहीं भेजी इस कारण निर्माण नहीं हो सका। 2013-14 की कार्ययोजना में किसानों की समस्या भी लिखकर भेजी गई है। यदि स्वीकृति मिली तो इसका निर्माण कराया जाएगा।

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