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आधुनिक जीवन शैली ने बढ़ाईं पेट की बीमारियां

मऊ। आधुनिक व्यस्त जीवन शैली, अल्कोहल एवं सिगरेट का ज्यादा प्रयोग और फास्ट फूड संस्कृति के चलते पेट के रोगियों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ रही हैं। ये शारदा नारायण अस्पताल में रविवार को आयोजित निशुल्क गैस्ट्रोलाजी शिविर में बीएचयू वाराणसी से आए डा. सुमीत रूंगटा ने कहीं।
डा. रूंगटा ने कहा कि दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी वर्तमान में गैस्ट्रिक की समस्या से पीडि़त है। इसमें युवाओं का प्रतिशत भी दिनोंदिन बढ़ रहा है। भोजन का सही से न पचना आज सबसे बड़ी समस्या के तौर पर सामने आ रहा है। ऐसे में शुरुआती दौर में ही बीमारी की सही पहचान और उपचार होने पर इससे स्थायी तौर पर निजात पाई जा सकती है। इस दौरान डा. रूंगटा द्वारा 95 मरीज देखे गए, जिसमें 20 मरीजों की इंडोस्कोपी भी की गई। साथ ही सभी को निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। इस अवसर पर डा. रूंगटा के साथ डा. संजय सिंह, डा. सुजीत सिंह, डा. एकिका सिंह और डा. मधुलिका सिंह मौजूद थे।

नगर में शुरू हुई इंडोस्कोपी जांच
निशुल्क शिविर के दौरान डा. संजय सिंह ने कहा कि शारदा नारायण हास्पिटल में गैस्ट्रोलाजी विभाग की शुरुआत हो गई है। जिले में पहली बार इंडोस्कोपी मशीन से जांच की जा रही है। डा. सिंह ने कहा कि इंडोस्कोपी मशीन के आ जाने से अब जनपद के लोगों को पेट या लीवर संबंधी जटिल बीमारियों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

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