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सीएम से करिए ई-शिकायत, 15 दिन में समाधान

एक साल पूरा कर चुके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश य़ादव की सरकार पर मिसगवर्नेंस के आरोप लगते रहे हैं और अब वे इस दाग को धोने की लिए जोर-शोर से जुट गए हैं।

इसके लिए उन्होंने हाईटेक तरीका अपनाया है। जनता की शिकायतों का निपटारा करने के लिए उन्होंने एक प्रभावी ई गवर्नेंस सिस्टम बनाया है। इसमें पंद्रह दिन के अंदर शिकायतों का निपटारा करना जरूरी है।

अब तक इस सिस्टम की मदद से लगभग तीन लाख जन शिकायतों में से नब्बे प्रतिशत का समय सीमा के अंदर निपटारा किया जा चुका है।


इस सिस्टम के तहत हर शिकायत की बारकोडिंग की जाती है और जिसकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जाती है। शिकायत के निपटारे के लिए आधिकारियों के लिए एक समय सीमा भी तय की जाती है।

इस सिस्टम की पहल में शामिल आईएएस अधिकारी आमोद कुमार का कहना है कि अधिकांश शिकायतों का निपटारा 15 दिन के अंदर किया गया और शिकायत करने वाले भी इससे संतुष्ट हैं।

कैसे काम करता है ये सिस्टम?

- मुख्यमंत्री ऑफिस को जो भी शिकायत मिलती है उसको डीटेल और कॉन्टेक्ट इंफॉर्मेशन के साथ एक बारकोड दिया जाता है।
- हर आवेदन को छह अंकों का एक पब्लिक ग्रीवांस नंबर दिया जाता है।
- उसे इंटरनेट पर पोस्ट किया जाता है।
- मुख्यमंत्री की वेबसाइट http://upcmo.up.nic.in पर एक लिंक है जिसमें बार कोड डालकर शिकायत करने वाले और शिकायत का निपटारा करने वाले अधिकारी केस के समाधान की प्रगति के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
- जैसे ही शिकायत का आवेदन स्वीकार किया जाता है, वैसे ही सिस्टम एक एसएमएस शिकायत करने वाले को भेज देता है।

तय होती है जवाबदेही
आमोद कुमार का कहना है कि शिकायत के समाधान की प्रगति के बारे में ब्लॉक या तहसील लेवल पर उस शिकायत का निपटारा करने वाले अधिकारी, शिकायत करने वाले और मुख्यमंत्री ऑफिस को जानकारी रहती है इसलिए काम जल्दी से होता है।

पिछले साल सितंबर में शुरू हुए इस सिस्टम में अब तक 2,48,841 शिकायतें मिल चुकीं हैं। इसमें से 2,20,082 यानि 88.4 प्रतिशत का समय सीमा के अंदर निपटारा किया जा चुका है।

आमोद कुमार का कहना है कि इस सिस्टम के जरिए विधायक और सांसद भी आम आदमी की शिकायतों को हम तक पहुंचा सकते हैं।

इसके बाद अब कॉल सेंटर बनाने की भी प्लानिंग की जा रही है जिसके जरिए शिकायत करने वालों को मोबाइल पर अपडेट्स भी भेजे जाएंगे। इसके जरिए फीडबैक भी प्राप्त किए जाएंगे कि काम हुआ कि नहीं।

सफल रहा प्रयोग
आमोद कुमार को इस तरह का सिस्टम बनाने की प्रेरणा तब मिली जब उन्होंने जनता को अपनी शिकायतों के निपटारे के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग का चक्कर काटते देखा।

2004-2006 के बीच सीतापुर में जब वह जिलाधिकारी थे तो उन्होंने लोकवाणी नाम से एक पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम विकसित किया जिसको भारी सफलता मिली।

इस सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिली उसके बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनको राज्य स्तर पर इस सिस्टम को लागू करने के लिए चुना।

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