Breaking News in Hindi Friday, July 25, 2014
ताज़ा ख़बर >
Lite Version

Home > Hindi News > International News > More International News

मिस्र: मौत की सज़ा के खिलाफ़ हिंसा, 30 मरे

मिस्र की अदालत ने पिछले साल फुटबॉल मैच के दौरान हुए दंगे के मामले में 21 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है। इस दंगे में 74 लोगों की मौत हो गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद फिर से वहां ताज़ा हिंसा शुरू हो गई है जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई है।

पोर्ट सईद स्टेडियम में हुए एक टॉप लीग फुटबॉल मैच के बाद शुरू हुआ दंगा मिस्र के फुटबॉल के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी साबित हुई।

अदालत का फैसला आने के साथ ही पोर्ट सईद में लोगों का गुस्सा भड़क गया। जिन लोगों को यह सज़ा सुनाई गई थी उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई।


मिस्र में होस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल किए जाने की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद, यह ताज़ा हिंसा भड़की है।

शुक्रवार को हज़ारों की तादाद में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी का विरोध करते हुए अपनी आवाज़ बुलंद की थी। उनका कहना था कि मोरसी ने क्रांति के साथ धोखा किया है।

मामला
पिछले साल के दंगे की वजह से यह फुटबॉल लीग टल गई। पोर्ट सईद में खेल खत्म होने के बाद यह दंगा शुरू हो गया था। स्थानीय टीम अल-माज़री के प्रशंसक पिच पर उतर आए और उन्होंने काहिरा क्लब के अल-अहली के समर्थकों पर पत्थरबाज़ी और आतिशबाज़ी शुरू कर दी।

अल-अहली समर्थकों के एक वर्ग ने पूर्व राष्ट्रपति मुबारक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने में अहम भूमिका निभाई थी।

शनिवार को जिन 21 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है वे अल-माज़री के फैन हैं। काहिरा की अदालत में न्यायाधीश के इस फैसले की घोषणा करते ही पीड़ितों के रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई।

अधिकारियों का कहना है कि इस ताज़ा हिंसा में मरे 26 लोगों में से दो पुलिसकर्मी हैं। हिंसा के मद्देनजर सेना की टुकड़ियां शहर की सड़कों पर तैनात कर दी गई है।

अपने फैसले की घोषणा करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि 9 मार्च को बाकी अभियुक्तों के बारे में फैसला सुनाया जाएगा।

हिंसा जारी
शुक्रवार को राजधानी काहिरा के तहरीर चौक पर सरकार विरोधी एक रैली निकाली गई थी और विपक्ष के समर्थक पुलिस के साथ भिड़ गए थे। मिस्र के 27 प्रांत में से 12 में विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पें हुईं। वहीं स्वेज शहर में फैली हिंसा में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई।

उधर, इस्लामिया में प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के मुख्यालय में आग लगा दी। काहिरा के तहरीर चौक पर मौजूद एक प्रदर्शनकारी का कहना था, “हमें न स्वतंत्रता मिली है और न सामाजिक न्याय। बेरोज़गारी और निवेश से जुड़ी समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है। पूरी अर्थव्यवस्था ही धराशायी हो गई है।”

एंड्रॉएड ऐप पर अमर उजाला पढ़ने के लिए क्लिक करें. अपने फ़ेसबुक पर अमर उजाला की ख़बरें पढ़ना हो तो यहाँ क्लिक करें.

Share on Social Media

प्रमुख ख़बरें

अभिनव बिंद्रा ने जीता देश्‍ा के ‌लिए तीसरा स्‍वर्ण पदक

abhinav bindra win third gold medal in cwg 10 मीटर एयर रायफल शूटिंग में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण पदक जीत...

मोदी जी, अभी तक तो नहीं आए अच्छे दिन!

pm modi and manmohan in president house राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह जब आमने-सामने...

क्या है सच्‍चाई, सानिया हैदराबाद की या बाहरी?

untold story of sania mirza birth सानिया मिर्जा हैदराबाद की हैं या बाहरी? भाजपा विधायक ने उन्‍हें पाकिस्तान की...

सिप्ला ने आदिल जैनुलभाई को स्वतंत्र निदेशक बनाया

Cipla appointed Adil Janulbai as independent director देश की प्रमुख दवा निर्माता कंपनी सिप्ला ने आदिल जैनुलभाई को कंपनी के...

ख़बरें राज्यों से

गन्ना किसानों के भुगतान पर कोर्ट सख्त

court strict on payment to sugarcane farmers चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया वसूलने में सुस्ती पर हाईकोर्ट सरकार...

तेजाब फेंकने वाले को मौत की सजा

court gives death sentence 24 साल की युवती पर तेजाब फेंकने वाले एक युवक को अदालत ने...

सवाल के जवाब में खर्च होंगे 14 लाख, सरकार परेशान

question disturbing the rajasthan government विधानसभा में एक विधायक का ऐसा भी सवाल आया, जिसका जवाब तो सरकार...

शादी के नाम पर महिला से दुष्कर्म, दो के खिलाफ केस

Rape of women in jaipur जयपुर के सदर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ शादी का झांसा...