आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

यह गुत्थी कौन सुलझाएगा

Vikrant Chaturvedi

Vikrant Chaturvedi

Updated Thu, 13 Dec 2012 11:27 PM IST
who will solve this mystery
यह क्या संयोग है कि मायावती के तेवर दिखाने के अगले ही दिन सरकार ने राज्यसभा में अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित प्रोन्नति में आरक्षण विधेयक पेश कर दिया! बसपा को खुश करने की कोशिश में हालांकि सपा के साथ सरकार का तालमेल बिगड़ गया है।  
इन दोनों विरोधी पार्टियों को साधना बेशक आसान नहीं है, लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर खुद यूपीए की कोई स्पष्ट नीति नहीं है, इसी का यह नतीजा है। यह ठीक है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर क्षेत्रीय पार्टियां भी उदासीन या अपने हितों तक सीमित रहती हैं। वे एफडीआई के पक्ष या विपक्ष में अपना लाभ देखकर जाती हैं, तो आरक्षण पर भी अपने स्वार्थ से आगे नहीं सोचतीं। उन्हें अनुसूचित जाति/जनजाति या पिछड़े वर्ग के लिए तो आरक्षण चाहिए, पर महिला आरक्षण मंजूर नहीं है! आरक्षण चूंकि सामाजिक बदलाव लाने की गारंटी नहीं है, इसलिए हमारा संविधान इस बारे में कुछ नहीं कहता।

लेकिन चूंकि समाज का निचला तबका लंबे समय तक मुख्यधारा से बाहर रहा, इसलिए शुरुआती स्तर पर उसके लिए आरक्षण गलत नहीं था, और उसका लाभ भी देखने को मिला। पर किसी समाज को ऊपर उठाने के लिए आरक्षण शाश्वत मंत्र नहीं हो सकता। सिर्फ इसलिए नहीं कि इसका समाज के दूसरे हिस्सों पर प्रतिकूल असर पड़ता है, इसलिए भी कि आरक्षण का लाभ उठाकर समाज के निचले तबके में एक मलाईदार तबका को फलते-फूलते देखा गया है, जो अपने से निचले समाज को आरक्षण का लाभ लेने से रोकता है।

जहां तक प्रोन्नति में आरक्षण का मुद्दा है, शीर्ष अदालत के समय-समय पर आए फैसले भी बताते हैं कि वह पूरी तरह इसके पक्ष में नहीं है। लेकिन संविधान और सर्वोच्च न्यायालय की भावना के विपरीत तमाम दल आरक्षण को अपना सियासी हथियार बनाने में नहीं हिचकते। बसपा के रुख का संसद में विरोध कर रही सपा पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण के समर्थन में है, तो कांग्रेस अल्पसंख्यक आरक्षण का जुआ खेलने से परहेज नहीं करती। जबकि केंद्र की सत्ता में  होने के कारण उसे इस मामले में ज्यादा गंभीरता का परिचय देना चाहिए। साफ है कि मौजूदा राजनीति के लिए आरक्षण सामाजिक बदलाव लाने के बजाय अपनी राजनीति चमकाने का औजार ही ज्यादा है।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

जानें क्या कहता है आपके आईलाइनर लगाने का अंदाज

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

रात में लाइट जलाकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

गीता बाली से शादी के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में हुआ था ये चमत्कार, रातोंरात बन गए थे सुपरस्टार

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

अगर आप हैं ऑयली स्किन से परेशान तो जरूर आपनाएं ये घरेलू उपाय

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

54 वर्ष की उम्र में भी झलक रही है श्रीदेवी की खूबसूरती, देखें तस्वीरें

  • बुधवार, 23 अगस्त 2017
  • +

Most Read

किसान की मौत

Farmer's death in farming
  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

काम शुरू

Emergency Ward to Inspire Oxygen Supply Line
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +

चीन मुद्दे पर सरकार ने नहीं की कोई बात

There is no talk of the government on China issue: Salman
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +

पर कटान तेज

Ganga and Ramganga water level
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +

मौत

Contractual death of a contractor
  • शनिवार, 15 जुलाई 2017
  • +

हाई अलर्ट

High alert after the order of the Medical Director
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!