आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कहीं फटकार तो कहीं सम्मान

Ashok Kumar

Ashok Kumar

Updated Mon, 08 Oct 2012 08:55 AM IST
somewhere respect somewhere rebuke
सरकार जिन सुरेश कलमाडी को पिछले दिनों संसदीय समिति में ले आई है, उन्हीं को अब भारतीय ओलंपिक संघ में जगह न देने की प्रतिबद्धता जताकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। यह बताने की जरूरत नहीं कि राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में लिप्तता के कारण कलमाडी को गिरफ्तार किया गया था, और अब वह जमानत पर हैं। हालांकि जिस सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था, उसी ने बाद में उन्हें क्लीन चिट भी दी।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को कलमाडी के बारे में लंबे समय तक जिस तरह अंधेरे में रखा गया, उससे भी साफ था कि सरकार मामले की लीपापोती में लगी है। पर इससे कलमाडी पर लगा दाग धुल नहीं सकता। यह अलग बात है कि उस सरकारी प्रोत्साहन के कारण ही कलमाडी लंदन ओलंपिक में जाने की बात करने लगे थे। पर उस वक्त खेल मंत्री ने उनका खेल बिगाड़ा, और अब भारतीय ओलंपिक संघ से उन्हें बाहर करने में जगदीश टाइटलर की भूमिका है, जो खुद संघ का मुखिया बनना चाहते हैं, और जिन्होंने कलमाडी का कच्चा चिट्ठा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को भेजा।

संघ का चुनाव अगले महीने है, और कलमाडी अपना अध्यक्ष पद बरकरार रखने के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। जबकि उनकी इस महत्वाकांक्षा पर लगाम लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि यह चुनाव पूरी तरह आचार संहिता के आधार पर होना चाहिए। अब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के एथिक्स कमीशन ने भी टिप्पणी की है कि जब तक कलमाडी निर्दोष साबित नहीं होते, तब तक संघ में उनके लिए कोई जगह नहीं है।

सवाल है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा नैतिक साहस राजनीतिक व्यवस्था में क्यों नहीं दिखता। बेशक भ्रष्टाचार की अनदेखी केवल सरकार ही नहीं कर रही, दूसरी पार्टियां भी इस मामले में दोहरेपन का परिचय देती हैं। पर तब भी कनिमोझी, कलमाडी और राजा को संसदीय समितियों में लाकर केंद्र ने अच्छा संदेश तो नहीं दिया। बल्कि कलमाडी पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की टिप्पणी से सरकार की किरकिरी ही हुई है। विद्रूप देखिए, भ्रष्टाचार पर हमारी राजनीति का यह लचीला रुख तब है, जब इसके खिलाफ हुए विराट जनांदोलन की कोख से अब एक नई राजनीतिक पार्टी भी जन्म ले चुकी है।
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

लव लाइफ होगी और भी मजेदार, रोज खाएं ये चीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

जूते, पर्स या जूलरी ही नहीं, फोन के कवर भी बन गए हैं फैशन एक्सेसरीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

BSF में पायलट और इंजीनियर समेत 47 पदों पर वैकेंसी, 67 हजार तक सैलरी

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

इन तीन चीजों से 5 मिनट में चमकने लगेगा चेहरा

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

नवरात्रि 2017: इस बार वार्डरोब में नारंगी रंग को करें शामिल, दीपिका से लें इंसपिरेशन

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

Most Read

मांगी भीख

Anganwadi workers will seek out rally
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

छात्रा घायल

Car collision with schoolgirl injured schoolgirl
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

दो की मौत

Two deaths from infectious disease in mahoba
  • रविवार, 17 सितंबर 2017
  • +

लोक अदालत

1630 settlement of promises in Lok Adalat
  • रविवार, 17 सितंबर 2017
  • +

विश्वकर्मा की जयंती

Lord Vishwakarma's birth anniversary celebrated
  • रविवार, 17 सितंबर 2017
  • +

दंपति और नातिन की सड़क हादसे में मौत

Couple returning home in Hardoi, and in Natin road accident
  • बुधवार, 30 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!