आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

इस राहत के अर्थ

नई दिल्ली

Updated Mon, 05 Nov 2012 10:56 PM IST
sense of relief to mayawati in taj corridor case
इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा बहुचर्चित ताज कॉरिडोर मामले में दर्ज जनहित याचिकाओं को खारिज कर देने से उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को कुछ राहत जरूर मिली होगी। याचियों के वकीलों ने हालांकि इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है, लेकिन तात्कालिक रूप से देखें, तो अदालत ने उनके तर्कों को बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो के खिलाफ मुकदमा चलाने के लायक नहीं माना।
वर्ष 2002 में भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने के बाद मायावती ने 175 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत ताजमहल के पास व्यावसायिक गलियारा बनाने की योजना थी, जिसमें शॉपिंग मॉल वगैरह बनाए जाने थे। शुरू से ही यह योजना विवादों में रही, क्योंकि पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी के बिना ही इस पर काम शुरू कर दिया गया था और सरकारी खजाने से इसके लिए धन भी जारी किया गया।

ताज कॉरिडोर मामले को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के भी आरोप लगते रहे, तो इसकी वजहें भी थीं। पहली बार जब इसे लेकर विवाद उठा, तब केंद्र में एनडीए की सरकार थी और उत्तर प्रदेश में भाजपा और बसपा के रिश्तों में खटास आ चुकी थी। उसके बाद 2007 में जब केंद्र में यूपीए की सरकार बन चुकी थी, तब सीबीआई ने मायावती और उनके पर्यावरण मंत्री रहे नसीमुद्दीन के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी, तो तत्कालीन राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी।

जो पीएल पुनिया मायावती सरकार में मुख्य सचिव थे, वह अब कांग्रेस से सांसद हैं, और इस मामले में जिन अधिकारियों के खिलाफ सर्वोच्च अदालत ने सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे, उनमें वह भी थे। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद यह सवाल तो फिर भी मौजूद है कि इस परियोजना में गड़बड़ी करने वाले कौन लोग थे, इसमें किनकी मिलीभगत थी? इस मामले ने एक बार फिर दिखाया कि राजनीतिक हितों के लिए किस तरह सीबीआई का दुरुपयोग किया जाता है।

बहरहाल, ताज कॉरिडोर के मामले में मायावती को फौरी राहत जरूर मिल गई है, पर उनकी परेशानी कम होती नहीं दिख रही है; क्योंकि सर्वोच्च अदालत ने पहले ही सीबीआई को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच करने की अनुमति दे रखी है।
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

CV की जगह इस शख्स ने भेज दिया खिलौना, गौर से देखने पर पता चली वजह

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

दिल्ली से 2 घंटे की दूरी पर हैं ये खूबसूरत लोकेशंस, फेस्टिव वीकेंड पर जरूर कर आएं सैर

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

फिर लौट आया 'बरेली का झुमका', वेस्टर्न ड्रेस के साथ भी पहन रही हैं लड़कियां

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

गराज के सामने दिखी सिर कटी लाश, पुलिस ने कहा, 'हमें बताने की जरूरत नहीं'

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

जब राखी सावंत को मिला राम रहीम का हमशक्ल, सामने रख दी थी 25 करोड़ रुपए की डील

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

Most Read

मांगी भीख

Anganwadi workers will seek out rally
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

छात्रा घायल

Car collision with schoolgirl injured schoolgirl
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

दो की मौत

Two deaths from infectious disease in mahoba
  • रविवार, 17 सितंबर 2017
  • +

लोक अदालत

1630 settlement of promises in Lok Adalat
  • रविवार, 17 सितंबर 2017
  • +

विश्वकर्मा की जयंती

Lord Vishwakarma's birth anniversary celebrated
  • रविवार, 17 सितंबर 2017
  • +

दंपति और नातिन की सड़क हादसे में मौत

Couple returning home in Hardoi, and in Natin road accident
  • बुधवार, 30 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!