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फेसबुक एप्स चुरा न लें अहम सूचनाएं

‌सिडनी/एजेंसी

Updated Thu, 06 Sep 2012 12:00 PM IST
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सोशल नेटवर्किंग की बात फेसबुक के जिक्र के बिना अधूरी लगती है। देश-दुनिया के न जाने कितने लोग सिर्फ फेसबुक के जरिए ही एक-दूसरे से जुड़े हैं। मगर जब फेसबुक की दुनिया में जाकर देखा गया तो पता लगा कि यहां आपकी और आपके दोस्तों की जिंदगी के लिए कुछ खतरे भी हैं। दरअसल प्राइवेसी प्रोटेक्शन कंपनी सिक्योर डॉट मी की रिपोर्ट में सामने आया है कि फेसबुक पर इस्तेमाल की जाने वाली एप्लीकेशंस आपकी निजी जानकारी पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। इस रिपोर्ट में पांच लाख फेसबुक एप्स का विश्लेषण करने के बाद कुछ चौंकाने वाले नतीजे पेश किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक पर इस्तेमाल होने वाले एप्स में से 63 प्रतिशत ऐसे हैं, जो आपकी तरफ से आपकी वॉल पर पोस्ट कर सकते हैं। 69 प्रतिशत एप्स आपके ईमेल एड्रेस के बारे में जान सकते हैं। सिक्योर डॉट मी के फाउंडर क्रिस्टीयन सिग्ल कहते हैं, ‘फेसबुक पर अलग-अलग तरह के एप्स जैसे इंस्टाग्राम, सोशलकैम, एंग्रीबर्ड्स, सिटेविले और स्पोटिफाई से जुड़े रहना यूजर्स की आदत में शुमार हो गया है। आप सिर्फ ‘एग्री’ पर क्लिक कर देते हैं, बिना ये देखे कि आप किन चीजों के लिए एग्री हो रहे हैं। जो बात आप नहीं समझ पाते वो ये है कि आपकी फेसबुक से जुड़े सोशल एप्स आपको और आपके दोस्तों को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि प्राइवेसी सेटिंग्स से भी कोई खास असर नहीं पड़ता है। एप्स प्राइवेसी सेटिंग होने के बावजूद भी आपके बारे में जानकारी जुटा लेते हैं।'

रिपोर्ट की मानें तो यूजर के अकाउंट से जानकारी लेने के बाद एप मेकर न सिर्फ आपकी टाइमलाइन हैक कर सकते हैं बल्कि आपके ईमेल पते को किसी दूसरे यूजर को बेच भी सकते हैं, जो सीधे तौर पर आपकी पहचान चुराने जैसा है। इनमें से 30 प्रतिशत एप्लीकेशंस ऐसे होते हैं, जो यूजर की बर्थ डेट जानते हैं। इससे सोशल सिक्योरिटी से जुड़े नंबरों का पता लगाने में भी उन्हें मदद मिलती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एप्स को एग्री कर आप अपने दोस्तों के लिए भी खतरा पैदा कर देते हैं। 21 प्रतिशत एप्स यूजर के दोस्तों की निजी जानकारी तक भी पहुंच बना सकते हैं। यानी फेसबुक पर ज्यादा चहलकदमी भी नुकसान पहुंचा सकती है।
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