आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हज पर कॉमरेड

नई दिल्ली

Updated Fri, 19 Oct 2012 08:56 PM IST
Editorial of 19 oct
मार्क्स ने धर्म को 'जनता की अफीम' कहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल के कम्युनिस्ट नेताओं को कभी-कभी धार्मिक होते देखा जाता है, भले ही ऐसे अवसर दुर्लभ हों। अब अब्दुर रज्जाक मोल्ला का ही उदाहरण लीजिए। बुद्धदेव सरकार में भूमि सुधार मंत्री रहे यह बुजुर्ग और मुंहफट कॉमरेड अभी हज की यात्रा पर हैं।
हज पर जाने के लिए उन्होंने अपनी पार्टी से इजाजत तो नहीं ही ली, उलटे अपनी योजना को सार्वजनिक तौर पर जिस तरह स्वीकारा, एक कम्युनिस्ट पार्टी में वह अभूतपूर्व है। छह साल पहले पश्चिम बंगाल के तत्कालीन सड़क परिवहन मंत्री, अब दिवंगत, सुभाष चक्रवर्ती को एक रात अचानक राज्य के तारापीठ मंदिर में गोपनीय तरीके से मां काली की पूजा-अर्चना करते पाया गया था। पर बाद में उस कृत्य के लिए उन्होंने पार्टी नेतृत्व से माफी मांगी थी।

हज से लौटकर अब्दुर रज्जाक मोल्ला ऐसा करेंगे, इसकी संभावना नहीं है। इसकी वजह पार्टी नेतृत्व के प्रति उनकी नाराजगी तो है ही, माकपा के सबसे बड़े मुसलिम नेता के तौर पर उनकी लोकप्रियता और दबदबा भी जग-जाहिर है। पिछले विधानसभा चुनाव में ममता के तूफान में भी उनकी चुनावी नैया नहीं डूबी। सिंगुर और नंदीग्राम में अपनी पार्टी की रणनीतियों के शुरू से ही घनघोर आलोचक रहे मोल्ला उन गलतियों को ही माकपा के शिकस्त की वजह मानते हैं।

और ऐसा लगता है कि अपनी पार्टी की मौजूदा लाचारी ही इस वयोवृद्ध कम्युनिस्ट को धर्म की शरण में ले गई है। संभव है, उम्र के इस मोड़ पर आकर उन्हें एहसास हो रहा हो कि ताउम्र मजहब के प्रति अनास्था जताकर उन्होंने अपना अहित ही किया। यह गलती सुधार लेने से उनका शेष जीवन सुधर जाने के साथ अगर पार्टी का भविष्य भी चमक जाए, तो इससे अच्छा और क्या हो सकता है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के चुनाव में 27 फीसदी मुसलमान बड़ी भूमिका निभाते हैं, जो इस समय तृणमूल के पाले में हैं। यह ठीक है कि मोल्ला की हज यात्रा से राज्य के मुसलिम रातोंरात अपनी निष्ठा नहीं बदल लेंगे, पर प्रतीकों की राजनीति के इस दौर में बुजुर्ग कॉमरेड ने यह दांव सोचकर ही चला होगा। अद्भुत तो यह है कि राज्य माकपा भी मोल्ला के हज के विरोध में नहीं है। क्या सत्ता से निष्कासन ने उसे भी धर्म के प्रति विश्वासी बना दिया है और वह किसी चमत्कार की उम्मीद कर रही है!
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

editorial-of-19-oct

स्पॉटलाइट

आपके मां बाप ने भी जमकर बोले होंगे ये झूठ, जानिए और पकड़ लीजिए

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

पंजाबी फिल्मों का सुपरस्टार था धर्मेंद्र का ये भाई, शूट के दौरान ही कर दी गई हत्या

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

चंद मिनट के रोल से रातोंरात स्टार बन गया था ये एक्टर, अब है थियेटर की दुनिया का राजा

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

घर में पैसे की बरसात कर देगा तिजोरी में रखा ये बीज, जानें रखने का तरीका

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

पहली डेट पर जाते वक्त लड़कियों के दिमाग में चलती हैं ये बातें

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

Most Read

अमर उजाला का एंड्रॉयड ऐप

amar uajala android app
  • बुधवार, 9 नवंबर 2016
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top