आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

संसद में जीत से आगे

Avanish Pathak

Avanish Pathak

Updated Fri, 07 Dec 2012 09:08 PM IST
ahead of win in parliament
मल्टी ब्रांड खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के फैसले पर लोकसभा के बाद राज्यसभा में मिली जीत से निश्चय ही यूपीए सरकार को राजनीतिक मजबूती मिली है, वरना बीते एक वर्ष के दौरान वह भीतर से काफी कमजोर हो गई थी। पिछले वर्ष संसद के शीतकालीन सत्र में जब उसने एफडीआई पर आगे बढ़ने की कोशिश की थी, तब उसे अपने ही सहयोगियों के कारण कदम पीछे खींचने पड़े थे।
उसके बाद तो उस पर नीतिगत अपंगता का ठप्पा ही लग गया था और अंतरराष्ट्रीय मीडिया और साख एजेंसियां तक अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की क्षमताओं पर सवाल उठाने लगी थीं। घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों से पहले ही सरकार की फजीहत हो चुकी थी। बची-खुची कसर दो महीने पहले ममता बनर्जी ने समर्थन वापस लेकर पूरी कर दी, जिससे सरकार अल्पमत में आ गई।

इस लिहाज से देखें, तो संसद में मिली इस जीत का यूपीए के लिए बड़ा महत्व है। हालांकि खुदरा में एफडीआई पर चली बहस के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना आसान नहीं, क्योंकि राज्यसभा में सरकार की नैया पार लगाने वाली बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भाषण में खुदरा व्यापार और विदेशी निवेश पर तार्किक बातें रखने के बजाय भाजपा को निशाना बनाया। दोनों सदनों में सरकार के राजनीतिक प्रबंधकों ने जिस तरह से अपने कौशल का प्रदर्शन किया, उससे यह साफ है कि अल्पमत में होते हुए भी उसे तात्कालिक रूप से किसी तरह का खतरा नहीं है।

इसी सत्र में उसके खिलाफ तृणमूल कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव पहले ही ध्वस्त हो चुका है। लेकिन सरकार की चुनौतियां पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं, क्योंकि उसे अब आर्थिक मोरचे पर देश के लोगों का विश्वास जीतना होगा। यह भी नहीं भूलना चाहिए कि महंगाई के मोरचे पर वह निरंतर नाकामयाब हुई है, बल्कि उसने सबसिडी में कटौती कर आम लोगों की नाराजगी ही मोल ली है।

यही नहीं, विकास दर को लेकर उसके आपने आंकड़े दुरुस्त नहीं लगते और गरीबी के आंकड़ों और उसकी प्रस्तावित कल्याणकारी योजनाओं में किसी तरह का संतुलन नजर नहीं आता। ऐसे में लोकसभा चुनाव जब भी होंगे, इस बात का भी हिसाब रखा जाएगा कि मल्टी ब्रांड खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से देश में कितनी नौकरियां आईं और किसानों और छोटे व्यापारियों को किस तरह से लाभ हुआ। जो दावे संसद में किए गए, क्या वे पूरे हो पाए? तब सरकार कोई बहानेबाजी नहीं कर सकेगी।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

इस हीरोइन की मजबूरी के चलते खुल गई थी मनीषा की किस्मत, शाहरुख के साथ बनी थी 'जोड़ी'

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

रोजाना लस्सी का एक गिलास कर देगा सभी बीमारियों को छूमंतर

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

LFW 2017: शो के आखिरी दिन लाइमलाइट पर छा गए जैकलीन और आदित्य

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

फैशन नहीं लड़कों की दाढ़ी के पीछे छिपा है ये राज, क्या आपको पता है?

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

एक असली शापित गुड़िया जिस पर बनी है फिल्म, जानें इसकी पूरी कहानी...

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

Most Read

काम शुरू

Emergency Ward to Inspire Oxygen Supply Line
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +

किसान की मौत

Farmer's death in farming
  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

चीन मुद्दे पर सरकार ने नहीं की कोई बात

There is no talk of the government on China issue: Salman
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +

पर कटान तेज

Ganga and Ramganga water level
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +

हाई अलर्ट

High alert after the order of the Medical Director
  • शनिवार, 12 अगस्त 2017
  • +

मौत

Contractual death of a contractor
  • शनिवार, 15 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!