आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कहीं आपका बच्चा दब्बू तो नहीं हो रहा

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क

Updated Tue, 25 Sep 2012 04:16 PM IST
how to handle childs shyness
स्कूल के शुरुआती दिनों में अकसर बच्चों का संकोच कब उनकी झिझक में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। आप जब बच्चे को स्कूल ले जाते हैं तो वह रोता है, टीचर से बात नहीं करता, लंच पूरा नहीं करता जैसी कई बाते हैं जो शुरू में तो हर बच्चे के व्यवहार में इस तरह के बदलावों को सामान्य माना जाता है लेकिन इन्हें अनदेखा करने से कई बार बच्चों की ‌यही झिझक उन्हें शर्मीला से दब्बू बना देती है।

बच्चे को दिखाएं बाहरी दुनिया
आप अपने बच्चे को अपने दायरे से बाहर होने का मौका नहीं देगें तो हो सकता है कि उसे स्कूल में दूसरों के साथ घुलने-मिलने में परेशानी हो। अगर आप बच्चे को अपने और परिवार तक ही सीमित रखते हैं तो वह बाहरी लोगों से घुलने-मिलने में घबराएगा। आप समय-समय पर अपने बच्चों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घर ले जाने में बिल्कुल न हिचकिचाएं। कॉलोनी में दूसरे बच्चों के साथ उन्हें खेलने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे स्कूल में वह दूसरे बच्चों के बीच घबराए नहीं।

बच्चों के सवालों का दें जवाब
अगर आपका बच्चा आपसे ढेर सारे सवाल करता है तो उससे डांटने या चुप कराने के बजाय उसके प्रश्नों का उत्तर जरूर दें। इससे बच्चे का कौतुहल तो शांत होगा ही, साथ ही उसका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कई बार बच्चे अपनी झिझक के कारण स्कूल में भी सवाल नहीं कर पाते जिससे उनका आत्मबल तो कम होता है ही, साथ ही उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। ऐसे में अगर आप बच्चों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उनसे बाते करेंगे तो उनका आत्मविश्वास बना रहेगा।

एक्स्ट्रा-कॅरिकुलर गतिविधियां
बच्चे में आत्मविश्वास बरकरार रखने और उसकी झिझक को दूर करने के लिए उन्हें पढ़ाई के अलावा दूसरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करते रहें। वह सामाजिक तो होगा ही, साथ ही उसका व्यक्तित्व विकास भी तेजी से होगा। सही समय पर अपने बच्चे की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का यह प्रयास उसकी हर झिझक को खत्म कर देगा और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

बच्चे को अकेला न छोड़ें

अगर आप अपने बच्चे के व्यवहार में यह बदलाव महसूस कर रहे हैं कि वह हमेशा अकेले रहना ही पसंद करता है तो इसे नजरंदाज न करें। हमेशा उसके साथ रहें और उसे परिवार के बीच रहने और हर किसी से बाते करने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

अब ऐसा दिखने लगा है शाहरुख-काजोल का 'बेटा', ये काम कर कमा रहा पैसे

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

'तीन तलाक' ने उजाड़ दी थी मीना कुमारी की जिंदगी, ऐसा हो गया था उनका हाल

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

लगातार हिट देता है साउथ का ये सुपरस्टार, एक फिल्म की लेता है इतनी फीस

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

जिम जाने में आता है आलस तो घर में ही करें ये डांस हो जाएंगे फिट

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +

बालों की देखभाल से जुड़ी इन बातों पर कभी न करें भरोसा नहीं तो होगा पछतावा

  • मंगलवार, 22 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!