आपका शहर Close

महिलाओं में डिप्रेशन की ऐसे करें पहचान

Priyanka Padlikar

Priyanka Padlikar

Updated Wed, 01 Aug 2012 03:33 PM IST
how to detect depression in women
क्या आपकी मोहतरमा का मूड इतना बदलता है कि वह क्या चाहती हैं यह आपको समझ ही नहीं आता? या फिर इन दिनों आपकी मां किसी भी चीज में रुचि नहीं लेती? चाहरदीवारी को घर में बदल देने वाली महिलाएं घर की खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करती हैं लेकिन वह कब अवसाद में होती हैं, यह हमें पता ही नहीं पड़ पाता।
महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण पुरुषों की अपेक्षा बहुत अलग होते हैं। ऐसे में इन लक्षणों को सही समय पर भांपना बहुत जरूरी है जिससे डिप्रेशन को खत्म करने में आसानी मिले। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि कोई महिला अवसाद में तो नहीं है, तो उसके व्यवहार में आए इन बदलावों को समझने की कोशिश करें।

मूड में परिवर्तन

अवसाद में महिलाओं के साथ अक्सर मूड स्विंग की समस्या होती है यानी बहुत जल्दी-जल्दी उनका मूड बदल जाता है। कई बार मूड इस कदर बदलता है कि उन्हें घबराहट के दौरे तक पड़ने शुरू हो जाते हैं। इस स्थिति‌ में अवसाद की वजह कोई विशेष परिस्थिति, हार्मोन की गड़बड़ी या फिर एलर्जी हो सकती है।

अरुचि

अवसाद की स्थिति‌ में कई बार हर बात से रुचि खत्म होने लगता है। महिलाएं अपनी दिनचर्या या आस-पास के लोगों में रुच‌ि कम कर देती हैं। कई बार अवसाद की वजह से वे किसी भी बात पर ध्यान नहीं केंद्रित कर पातीं और बात-बात पर अपना आपा खोने लगती हैं।

डाइट में परिवर्तन

कई बार अवसाद की स्थिति‌ में महिलाओं की डाइट प्रभावित होती है। अच्छा महसूस करने के लिए वे बहुत अधिक खाती हैं या फिर अवसाद में दुखी होकर भोजन ही नहीं करतीं। दोनों परिस्थितियों में अवसाद का प्रभाव डाइट पर हो सकता है।

नींद

अवसाद का हमारी नींद से बहुत गहरा संबंध है। खासतौर पर महिलाओं पर अवसाद के दो तरह से प्रभाव पड़ते हैं, या तो उन्हें नींद नहीं आती या फिर नींद बहुत अधिक आती है। तो अगर सोने में उन्हें इस तरह की समस्या हो तो इसे अवसाद के लक्षण मान सकते हैं।

थकान लगना

दिन भर घर-बाहर की भागदौड़ में मुस्कराने वाली आपके घर की मिसेज परफेक्ट हमेशा थकीं-थकीं रहें तो समझिए क‌ि उनके साथ जरूर कोई दिक्कत है। हर समय थकान लगना भी अवसाद का एक गंभीर लक्षण हो सकता है।

आत्मविश्वास घटना

अवसाद से घिरी महिलाओं का आत्म विश्वास बहुत कम हो जाता है और वे अक्सर अपनी ही आलोचना करती हैं। बीते समय में जो हुआ अक्सर उन बातों को याद करके खुद को कोसती हैं। उन्हें हमदर्दी की तलाश होती है जिनसे वे अपने शकोसुबह साझा कर सकें।

आत्महत्या का विचार

अवसाद जब बहुत अधिक प्रभावित कर देता है तो मन में आत्महत्या तक करने का विचार आ सकता है। उन्हें अपने जीवन का कोई उद्देश्य नहीं दिखता। इस स्तर तक उनका अवसाद पहुंचे इससे पहले उन्हें चिकित्सा की बहुत जरूरत है।

Comments

स्पॉटलाइट

Bigg Boss 11: बंदगी के ऑडिशन का वीडियो लीक, खोल दिये थे लड़कों से जुड़े पर्सनल सीक्रेट

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

सुष्मिता सेन के मिस यूनिवर्स बनते ही बदला था सपना चौधरी का नाम, मां का खुलासा

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

'दीपिका पादुकोण आज जो भी हैं, इस एक्टर की वजह से हैं'

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

B'Day Spl: 20 साल की सुष्मिता सेन के प्यार में सुसाइड करने चला था ये डायरेक्टर

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

RBI ने निकाली 526 पदों के लिए नियुक्तियां, 7 दिसंबर तक करें आवेदन

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!