आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

देश के हर जिले में बनेगा वर्किंग वुमन हॉस्टल

नई दिल्ली/प्रियंवदा सहाय

Updated Tue, 25 Sep 2012 02:06 AM IST
working women hostel will be in every district
छोटे शहरों, कस्बों और गांवों से निकलकर आ रहीं कामकाजी महिलाओं की पहली पीढ़ी के रहने का ठिकाना बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल करने का फैसला कर लिया है। इसके तहत कामकाजी महिलाओं की बढ़ती तादाद को देखते हुए पहली दफा देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने का निर्णय लिया गया है। इस हॉस्टल में ऐसी महिलाओं को रहने का मौका मिलेगा, जिनके परिवार के सदस्य उस इलाके में नहीं रहते हैं।
महिला एवं बाल विकास सचिव प्रेम नारायण ने बताया कि लंबे समय से राज्यों की ओर से इसकी मांग की जा रही थी। इस मांग पर अब मंत्रालय ने हामी भर दी है। उन्होंने कहा कि महानगरों ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में भी महिलाएं बड़ी तादाद में काम कर रही हैं। पिछले छह साल में देश में कामकाजी महिलाओं की संख्या करीब 50 फीसदी तक बढ़ी है। इसलिए सरकार ने कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित और बिना किसी समस्या के देश के किसी भी जिले में कामकाज के लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इस हॉस्टल में तलाकशुदा, विधवा या अकेली रहने को मजबूर लड़कियां भी सुरक्षित रह सकेंगी।

केंद्र की इस प्रस्तावित योजना के तहत सरकारी जमीन पर वर्किंग हॉस्टल के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा किराए पर चलने वाले वर्किंग हॉस्टल को भी मंत्रालय की इस योजना का वित्तीय लाभ मिल सकेगा। हालांकि इसका खाका अभी मंत्रालय ने तैयार नहीं किया है। माना जा रहा है कि वर्किंग वुमन हॉस्टल में रहने की पहली प्राथमिकता ऐसी महिलाओं को मिलेगी जिनकी कुल आय महानगरों में 30 हजार रुपये प्रति माह और अन्य शहरों में 25 हजार रुपये प्रति माह से ज्यादा नहीं हो।

क्रिच सेवा का भी होगा विस्तार
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखरेख के लिए क्रिच सेवा के विस्तार का निर्णय भी लिया है। फिलहाल देश में दो लाख अतिरिक्त क्रिच सेवा की मांग है। मंत्रालय के सचिव ने बताया कि इस मांग को पूरा करने के लिए आंगनबाड़ी सेंटरों से मदद ली जाएगी। देश में करीब एक लाख नए आंगनबाड़ी सेंटरों का निर्माण भी किया जाएगा।

'अक्सर अकेली रहने वाली लड़कियों को समाज के तमाम सवालों और संकीर्ण सोच का सामना करना पड़ता है। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और उनकी कार्य क्षमता बढ़ाने में ऐसे निर्णय काफी कारगर होंगे। हालांकि मंत्रालय को यह ध्यान भी रखना होगा कि हॉस्टल जेल में तब्दील न हो। महिलाओं के हॉस्टल में आने-जाने के समय पर पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए और उन्हें रियायती कीमत पर यह सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।'
- वृंदा ग्रोवर, सुप्रीम कोर्ट की वकील
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

आखिर क्यों काट दिए गए 'रंगून' से 40 मिनट के सीन ? ये रही असली वजह

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'लाली की शादी में लड्डू दीवाना' का पोस्टर रिलीज, दिखा अक्षरा का नया अंदाज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

बुधवार के दिन करें यह पांच काम, सुख-समृद्धि से भर जाएगी जिंदगी

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

इन छोटे-छोटे टिप्स से सोते समय भी वजन कर सकते हैं कम, जानिए कैसे

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'टॉयलेटः एक प्रेम कथा' का पहला लुक, दुल्हनिया संग नजर आए अक्षय

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

Most Read

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

संविधान के दायरे में कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयारः अमित शाह

We are ready to talk on Kashmir, say Amit Shah in Party national council meeting
  • रविवार, 25 सितंबर 2016
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top