आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

यूपीए इस बार नहीं दे पाएगी हर हाथ में मोबाइल

नई दिल्ली/धीरज कनोजिया

Updated Mon, 10 Dec 2012 10:21 AM IST
upa will not give mobile to bpl in this tenure
गरीबी रेखा के नीचे बसर करने वाले परिवारों को चुनावी तोहफे के तौर पर मोबाइल फोन बांटने की यूपीए सरकार की तैयारी पर संकट छा गया है।
गरीबों को सीधे नकद सब्सिडी देने के बड़े ऐलान के बाद हर हाथ में फोन देने की यूपीए सरकार की दूसरी लोक-लुभावन योजना पर फंड की किल्लत आ रही है।

दरअसल, दूरसंचार विभाग ने योजना अयोग को फंड देने में दिक्कत जता दी है। यूपीए सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए लगभग सात से साढ़े सात हजार करोड़ रुपए के बजट का अनुमान है।

मगर दूरसंचार विभाग के हाथ खड़े होने से सरकार के सामने इसे मूर्त रूप देने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
हर हाथ में फोन देने की योजना को यूपीए सरकार 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए दूसरे गेमचेंजर के तौर पर देख रही है।

लिहाजा, प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर योजना आयोग इसे साकार करने में जुटा है। आयोग ने इस सिलसिले में प्रस्ताव दिया था कि इसके लिए फंड का इंतजाम यूनिवर्सल ऑबलीगिशेन फंड (यूएसओ) से किया जाए।

सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विभाग ने आयोग को तर्क दिया है कि यूएसओ फंड का इस्तेमाल सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार से संबंधित ढांचागत निर्माण के लिए किया जाता है।

जबकि हर हाथ में मोबाइल फोन देने की योजना से यह मकसद पूरा होता नहीं दिख रहा। इसके अलावा नियमों के मुताबिक यूएसओ फंड का इस्तेमाल सिर्फ गांवों में दूरसंचार सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

मगर मुफ्त मोबाइल फोन योजना शहर और गांव दोनों क्षेत्रों के गरीब रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के लिए है। विभाग का कहना है कि तकनीकी दृष्टि से यूएसओ फंड से बड़े पैमाने पर योजना के लिए पैसा देना तर्कसंगत नहीं लग रहा है।

वहीं विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि योजना का खाका बनाने के वक्त भी उनसे बात नहीं की गई थी। योजना आयोग के प्रस्ताव के मुताबिक देशभर के सात करोड़ बीपीएल परिवारों को मुफ्त में मोबाइल फोन हैंडसेट देने की बात है।

इसी के साथ ही 200 मिनट का मुफ्त स्थानीय टॉक टाइम भी देने की योजना है। सात करोड़ बीपीएल परिवारों के लिए हर मोबाइल हैंडसेट पर एक हजार रूपए की लगात का अनुमान लगाया है। इसके मुताबिक सात करोड़ से ज्यादा परिवारों को मोबाइल देने के लिए करीब 7500 करोड़ रुपए की जरूरत बैठती है।


नहीं हो पाई थी घोषणा
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से इस साल के स्वतंत्रता दिवस के समय इसका ऐलान करने की बात थी। मगर फंड की किल्लत को देखते हुए इसको टाल दिया गया था।

मगर कई महीनों बाद भी अब तक  फंड का इंतजाम नहीं हो पाया है। सरकार इस योजना को 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए बेहद लाभदायक मान रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' का 'हवाएं' गाना रिलीज, 15 मिनट में ही 25 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

'कार्बन' का पोस्टर रिलीज, जल्द आएगा ट्रेलर

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

आतिफ असलम का ये सॉन्ग अब तक 20 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

आप भी खाते हैं डेस्क पर खाना तो हो जाएं सावधान..फंस सकते हैं इस मुसीबत में

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

एक हिट देकर गुमनामी में खो गई थी 'तुम बिन' की ये हीरोइन, अब संभाल रही अरबों का बिजनेस

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!