आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

एनआरएचएम: कार्यवाही में देरी पर सीबीआई को फटकार

नई दिल्ली/ब्यूरो

Updated Tue, 27 Nov 2012 01:14 AM IST
supreme court on with cbi in nrhm case
सुप्रीम कोर्ट ने एनआरएचएम घोटाला मामले में सोमवार को आईएएस प्रदीप शुक्ला व अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही में देरी पर सीबीआई को फटकार लगाई। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि सीबीआई को बहुत ज्यादा समय लग रहा है तो अन्य एजेंसियों के साथ क्या होता होगा।
जस्टिस डीके जैन व जस्टिस मदन. बी लोकुर की पीठ ने आश्चर्य जताया कि सीबीआई इन अधिकारियों के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की अनुमति का इंतजार कर रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 2जी मामले में दिए गए आदेश में कहा था कि तीन माह में यदि सक्षम प्राधिकार की ओर से अनुमति नहीं दी जाती तो अभियोजन की मंजूरी स्वत: मानी जाएगी।

पीठ ने कहा कि आप राज्य सरकार से भीख मांग रहे हैं। जबकि आपकी ओर से इस पर जल्द निर्णय लेने के लिए कई बार याद दिलाया जा चुका है और इसी वजह से कोई कार्रवाई भी नहीं कर रहे हैं। हालांकि पीठ ने एजेंसी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसीटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा के और समय की मांग करने पर सुनवाई को 10 दिसंबर तक टालते हुए कोई आदेश नहीं जारी किया।

सर्वोच्च अदालत इस मामले में सीबीआई की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है। हाईकोर्ट ने प्रदीप शुक्ला की दायर याचिका को पीआईएल के तौर पर स्वीकार करते हुए एजेंसी से गिरफ्तारी के तौर-तरीकों पर स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही घोटाले की जांच की निगरानी करने को कहा है।

सीबीआई की ओर से समुचित अनुमति न लिए जाने के आधार पर शुक्ला ने हाईकोर्ट से उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। शीर्षस्थ अदालत ने एजेंसी की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश पर 26 सितंबर को रोक लगा दी थी। सीबीआई ने कहा कि शुक्ला पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने का काम कार्मिक मंत्रालय और सीवीसी का है लेकिन हाईकोर्ट ने इसके लिए भी उस पर ही दोष मढ़ दिया। हाईकोर्ट जांच पर निगरानी रख रहा है जबकि इसका आधार नहीं बनता।

गौरतलब है कि सीबीआई ने हाईकोर्ट की कथित दखलंदाजी के खिलाफ दायर याचिका में कहा है कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर उससे पूछताछ का अधिकार अदालत को नहीं है। इसके अलावा अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने में कार्मिक मंत्रालय और केंद्रीय सतर्कता विभाग (सीवीसी) की ओर से की गई देरी के लिए सीबीआई को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। एजेंसी के मुताबिक घोटाले के 1.60 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। बैंक खातों में जमा 14.80 करोड़ रुपये की रकम जब्त की जा चुकी है। 40 करोड़ के फर्जी भुगतान का पता लगाया जा चुका है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

तो क्या देश के हर एक युवा के हाथ में होगा नोकिया 8 ?

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

उस रात बाहर सो रहा होता कोई गांव वाला तो नहीं बच पाती उसकी जान, देखें यह खौफनाक वीडियो

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

लैक्मे फैशन वीक में दिखा इन हसीनाओं का जलवा

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

नवरात्रि के 9 दिनों में करोड़पति बन जाती हैं फाल्गुनी पाठक, बॉलीवुड से अचानक हो गईं गायब

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

आर्मी जवान ने 'मैं तेरा ब्वॉयफ्रेंड' पर किया जबरदस्त डांस, पब्लिक बोली- 'सुपर से भी ऊपर'

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!