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यूपी में परवान नहीं चढ़ पा रहा सर्व शिक्षा अभियान

लखनऊ/ब्यूरो

Updated Mon, 29 Oct 2012 02:21 PM IST
students are not getting benefit of sarva shiksha abhiyan in up
यूपी में सर्व शिक्षा अभियान का बुरा हाल है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे योजनाओं का लाभ नहीं पा रहे हैं। स्थिति यह है कि स्पष्ट आदेश के बाद भी 2 अक्टूबर को सभी स्कूलों में बच्चों को दो सेट मुफ्त ड्रेस नहीं दिए गए। जिलों को पैसे दिए जाने के बाद भी स्कूलों के निर्माण कार्य तक शुरू नहीं कराए गए। बच्चों के शौचालय की स्थिति आज भी बद से बदतर है।

चौंकाने वाली रिपोर्ट

सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय को मिली रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली है। सर्व शिक्षा अभियान के अपर राज्य परियोजना निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा धिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि इसमें लापरवाही नहीं चलेगी। योजनाओं का लाभ बच्चों का न मिलने पर बीएसए सीधे जिम्मेदार होंगे।

प्रदेश में कक्षा 8 तक सरकारी स्कूल खोलने से लेकर इसमें पढ़ने वाले बच्चों को सुविधाएं देने तक सर्व शिक्षा अभियान के तहत योजनाएं संचालित की जाती हैं। इसके लिए केंद्र सरकार धनराशि मुहैया कराती है। राज्य परियोजना निदेशालय ने पिछले दिनों जिलेवार योजनाओं की हकीकत का सर्वे कराया तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं।

बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने निर्देश दिया था कि बचे हुए बच्चों को 2 अक्तूबर को विशेष अभियान के तहत ड्रेस बांटे जाएंगे। इसके बाद भी सभी बच्चों को ड्रेस नहीं दिए गए। राज्य परियोजना के अपर निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने जिलों को लिखा है कि ड्रेस वितरण की धीमी प्रगति यह दर्शाता है कि शासन की प्राथमिकता प्राप्त कार्यक्रमों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसी तरह सहायता प्राप्त विद्यालयों तथा सहायता प्राप्त मदरसों में भी ड्रेस वितरण संतोषजनक नहीं पाया गया है।

प्रदेश में वर्ष 2012-13 में 2311 प्राथमिक और 313 उच्च प्राथमिक स्कूलों का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए जिलों को 50 फीसदी धनराशि एडवांस में उपलब्ध कराई जा चुकी है। पर अधिकतर जिलों में अभी तक स्कूलों का निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। राज्य परियोजना निदेशालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 7 नवंबर तक हरहाल में स्कूलों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए।

स्थिति ठीक नहीं
इसी तरह 15 हजार 262 अतिरिक्त कक्षा कक्ष, 11 हजार 895 स्कूलों में चारदीवारी का निर्माण, 3660 स्कूलों में शौचालय का निर्माण कराए जाने के साथ 1629 स्कूलों में हैंडपंप लगवाए जाने हैं। पर इनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। इसी तरह सभी स्कूलों में फर्नीचर एवं चटाई की व्यवस्था अभी तक नहीं कराई जा सकी है। वर्ष 2011-12 में स्वीकृत 292 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में मात्र 73 स्कूलों का निर्माण ही पूरा हो सका है। राज्य परियोजना निदेशालय ने निर्देश दिया है कि योजनाओं का लाभ बच्चों को देने के लिए काम शीघ्र शुरू करा दिए जाएं।

सीएम करेंगे स्कूलों को दौरा 
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में चल रही योजनाओं और उनमें बच्चों की पढ़ाई की हकीकत स्वयं देखने जाएंगे। मुख्यमंत्री 7 नवंबर के बाद स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करने निकलेंगे। इस संबंध में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक अतुल कुमार और बेसिक शिक्षा निदेशक बासुदेव यादव को निर्देश भेज दिया है।
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