आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

चुपके-चुपके चले गए ‘बारूदमैन’ शिवदादा

गाजियाबाद/आमोद कौशिक

Updated Fri, 26 Oct 2012 11:46 PM IST
Shiv Prasad Mathur passed away
एक और भ्रम, जो जब तक था मीठा था, टूट गया...। अज्ञेय की इन पंक्तियों को याद दिलाकर एक मसीहा हमेशा के लिए चला गया। सन् 65 की जंग के दौरान हजारों इंसानों को जिंदगी देने वाले ‘बारूदमैन’ शिवप्रसाद माथुर ‘शिवदादा’ नहीं रहे।
शौर्य चक्र विजेता का गाजियाबाद में निधन हुआ और दिल्ली में अंतिम संस्कार। फिर भी सब सोते रहे। कितने आईएएस, आईपीएस, सांसद, विधायक जिस राजनगर में रहते हैं, वहीं से उनकी आखिरी विदाई हुई। अफसोस, फिर भी कोई दुख के दो बोल कहने वहां नहीं पहुंचा।

शिव दादा बरेली में सिविल लाइंस के रहने वाले थे और लंबे समय से गाजियाबाद के सबसे पॉश सेक्टर राजनगर-9 में निवास कर रहे थे। 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान अदम्य साहस के लिए सरकार ने उन्हें शौर्य चक्र से नवाजा था। पिता की मौत की खबर पाकर भीलवाड़ा राजस्थान से यहां पहुंची बेटी नंदिनी माथुर ने ‘अमर उजाला’ को बताया, पापा का जन्म 1919 में हुआ था। 1950 तक वह सेना में रहे।

इसके बाद आयुध निर्माणी ज्वाइन कर ली थी। उस समय उनकी पोस्टिंग भूसावल आर्डिनेंस फैक्ट्री में थी, जहां तोप के गोले बनते थे। पापा हमें बताते थे कि लड़ाई में गोला-बारूद की मांग अधिक होने के चलते उस वक्त मालगाड़ियों से एक्सप्लोसिव की खेप लगातार कारखाने में मंगाई जा रही थी।

रेलवे यार्ड में बारूद से लदी सात टैंकरों वाली मालगाड़ी में अचानक दुश्मन ताकतों ने आग लगा दी। बारूद में चिंगारी फूटी तो पूरे इलाके में आग ही आग नजर आने लगी। रेलवे यार्ड से 5 किमी. दूर तक बारूद और टैंकरों के टुकड़े पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे थे।

बकौल नंदिनी: भयानक हालात के बीच शिवप्रसाद ने साथियों के साथ तीन दिन भूखे-प्यासे रहकर राहत और बचाव कार्य किया था। अपनी जान जोखिम में डालकर कितने ही लोगों की जिंदगी बचाई थी। घायलों को इलाज मुहैया कराया था। हजारों टन बारूद को आग से निकालकर उसका सही डिस्पोजल भी किया था।

संकट काल में वीरता के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ने शिवप्रसाद माथुर को 17 अप्रैल 1968 में शौर्य चक्र  प्रदान किया था। उनकी बहादुरी के लिए लोग उन्हें बारूदमैन कहने लगे थे। शाहजहांपुर, नागपुर सहित कई जगहों पर तैनात रहने के बाद वह 1979 में रिटायर हुए थे और यहां राजनगर में बस गए थे। बृहस्पतिवार रात अचानक उनका निधन हो गया।

बेटी नंदिनी के साथ पुत्र अरविंद ने रुंधे गले से कहा कि शौर्य चक्र विजेता की मौत पर नेता, अफसर कोई दुख जताने तक नहीं आया। इससे हमारा दुख और बढ़ गया है। शुक्रवार को दोपहर बाद इलेक्ट्रानिक शवदाह गृह, लोदी रोड में उनका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बहादुर ही नहीं, सच्चे जनसेवक भी
शिव प्रसाद न सिर्फ बहादुर नहीं थे, बल्कि सच्चे समाजसेवी भी थे। रिटायरमेंट के बाद भी बगैर किसी प्रचार के समाज की सेवा में जुटे रहे। खाली समय में अपनी कालोनी के पार्क को संवारते रहते थे और उसे देखने लायक बना दिया था। शिवदादा के बड़े बेटे प्रोफेसर आदित्य माथुर ने सिंगापुर में विश्व विद्यालय स्थापित किया है।

दूसरे बेटे अरविंद माथुर एशियन डेवलपमेंट बैंक से रिटायर ऑफिसर हैं। तीसरे बेटे लव माथुर और कुश माथुर आर्मी के रिटायर कर्नल हैं। कुश लखनऊ में अभी अस्पताल संचालित कर रहे हैं। बेटी नंदनी माथुर एक सफल ग्रहणी हैं। उनके पति अमिताभ संजित राजस्थान के भीलवाड़ा में प्रोफेसर हैं।

कौमी एकता की कायम की मिसाल
शाहजहांपुर आर्डिनेंस फैक्ट्री में तैनाती के दौरान शिव प्रसाद ने हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल कायम की थी। कितने ही जटिल मौकों पर वह मसीहा की तरह सामने आए थे और फसाद टाले थे। इसके लिए उन्हें कई बार नागरिक सम्मान भी मिले थे।

सम्मान का हक
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल (रिटायर्ड) पुष्पाधरन ने बताया कि शौर्य चक्र विजेता को अंतिम विदाई के दौरान पुलिस गारद के जरिए सैल्यूट कराने का नियम है।

अफसोस: शौर्य चक्र विजेता को सलामी देने न कोई अफसर पहुंचा, न कोई नेता
- पाकिस्तान से लड़ाई के दौरान बचाई थी हजारों लोगों की जान।
- महाराष्ट्र यार्ड में घुसपैठियों ने लगा दी थी गोला-बारूद में आग।
- कई दिन तक भूखे-प्यासे राहत-बचाव में जुटे रहे थे शिव प्रसाद।
- चुपके-चुपके देश सेवा की और 93 साल की उम्र में दुनिया छोड़ी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Nokia 3310 की कीमत का हुआ खुलासा, 17 मई से शुरू होगी डिलीवरी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

फॉक्सवैगन पोलो जीटी का लिमिटेड स्पोर्ट वर्जन हुआ लॉन्च

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

सलमान की इस हीरोइन ने शेयर की ऐसी फोटो, पार हुईं सारी हदें

  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

इस बी-ग्रेड फिल्म के चक्कर में दिवालिया हो गए थे जैकी श्रॉफ, घर तक रखना पड़ा था गिरवी

  • बुधवार, 26 अप्रैल 2017
  • +

विराट की दाढ़ी पर ये क्या बोल गईं अनुष्का

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top