आपका शहर Close

सत्र 2012-13: बीएड काउंसिलिंग पर लगी रोक हटी

नई दिल्ली/ब्यूरो

Updated Fri, 28 Sep 2012 12:51 AM IST
second phase of bed counseling restored for 2012-13 session
उत्तर प्रदेश के बीएड छात्रों को राहत प्रदान करते हुए बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने सत्र 2012-13 के दूसरे चरण की काउंसिलिंग पर लगी रोक हटाने का आदेश जारी किया। साथ ही मान्यता न दिए जाने पर निजी संस्थानों की ओर से राज्य सरकार के अधिकारों पर उठाए गए सवाल पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सर्वोच्च अदालत ने गैर-सहायता प्राप्त निजी बीएड कॉलेजों की याचिका पर अगस्त में काउंसिलिंग पर रोक लगा दी थी।
जस्टिस एके पटनायक व जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन मिश्रा ने कहा कि छात्रों को कम से कम दो सौ दिन तक इस सत्र के तहत शिक्षा देने के संबंध में प्रदेश सरकार ने हलफनामा पेश कर दिया है। लेकिन दूसरे चरण की काउंसिलिंग पर रोक लगे रहने तक छात्रों का प्रवेश संभव नहीं है। बीएड में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो गई है। ऐसे में शिक्षण सत्र की शुरुआत में देरी होगी और फिर आगे भी दिक्कतें होंगी।

पीठ ने इस दलील से सहमति जताते हुए रोक के आदेश को हटाते हुए प्रदेश सरकार को नया विज्ञापन जारी कर दूसरे चरण की काउंसिलिंग कराने का निर्देश दिया। अब सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया काउंसिलिंग होने के साथ आगे बढ़ेगी।

वहीं गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थानों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षण परिषद् (एनसीटीई) ने गतवर्ष इन संस्थानों को मान्यता दी थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने जानबूझकर देरी की और फिर कमियों का हवाला देकर राज्य की मान्यता सूची में शामिल करने से इनकार कर दिया। जबकि ऐसा करने का अधिकार प्रदेश सरकार को नहीं है क्योंकि एनसीटीई की ओर से मान्यता प्रदान किए जाने के बाद राज्य को उसे अपनी सूची में शामिल करना अनिवार्य होता है।

पीठ ने कहा कि निजी संस्थानों की ओर से उठाए गए इस सवाल पर अदालत अपना फैसला सुरक्षित रखती है। गत वर्ष शीर्ष अदालत ने प्रदेश सरकार की उस नीति पर मुहर लगाई थी जिसमें हर साल नवंबर में बीएड प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करने और जुलाई तक खत्म करके कक्षाएं शुरू करने को कहा गया था।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने निजी संस्थानों की याचिका पर राज्य सरकार को मान्यता देने के मसले पर दोबारा से विचार करने का निर्देश दिया था। लेकिन इस दौरान सुप्रीम कोर्ट की ओर से मान्यता प्रदान करने के लिए तय की गई 10 मई की समय-सीमा निकल गई। तब प्रदेश सरकार ने कहा अब वह कुछ नहीं कर सकती। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी शीर्ष अदालत के आदेश के चलते मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

बीएड की 14,000 सीटें भरी जाएंगी
सुप्रीम कोर्ट के काउंसिलिंग से रोक हटाने के आदेश के बाद बीएड 2012-13 की 14,000 सीटें अब भरी जा सकेंगी। बीएड की पहले चरण की काउंसिलिंग से 74,000 सीटें भरी गई थीं। दूसरे चरण की काउंसिलिंग जुलाई 2012 से होनी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इस कारण 1050 राजकीय, अनुदानित और निजी बीएड कालेजों की 14,000 से ज्यादा सीटें खाली रह गईं।
Comments

स्पॉटलाइट

B'Day Spl: 20 साल की सुष्मिता सेन के प्यार में सुसाइड करने चला था ये डायरेक्टर

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

RBI ने निकाली 526 पदों के लिए नियुक्तियां, 7 दिसंबर तक करें आवेदन

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

B'Day Spl: जीनत अमान, सुष्मिता सेन को दिल दे बैठे थे पाक खिलाड़ी

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

'पद्मावती' विवाद पर दीपिका का बड़ा बयान, 'कैसे मान लें हमने गलत फिल्म बनाई है'

  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

'पद्मावती' विवाद: मेकर्स की इस हरकत से सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी नाराज

  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!