आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

पुलिस के लचर रवैये से त्रस्त आरटीआई कार्यकर्ता

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो

Updated Tue, 23 Oct 2012 09:56 PM IST
RTI activist plagued by poor attitude of the police
सरकारी तंत्र में लगे भ्रष्टाचार के दीमक को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए जगजाहिर करने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और संरक्षण के मसले पर राज्यों की पुलिस का रवैया लचर है। यही वजह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से निर्देश दिए जाने के बावजूद राज्यों में पुलिस शिकायत मिलने के बावजूद तभी कार्रवाई करती है, जब कोई हादसा हो जाता है। 2007 से अब तक देशभर में धमकी, उत्पीड़न और हत्या के करीब 150 ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं, जिनमें शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया और घटना घट गई।
राजधानी दिल्ली हो या फिर विकास की राह पर चलने वाला गुजरात, हरेक राज्य में आरटीआई कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर पुलिस की लापरवाही उन्हें खतरे में डालती रही है। यही नहीं, जब लोगों ने राज्य प्रशासन को कोसा तो आला अधिकारियों की ओर से पुलिस महकमे को जारी किया गया फरमान थमाकर प्रदेश सरकार के दामन को पाक-साफ करार दे दिया।

आरटीआई कार्यकर्ता गौरव अग्रवाल के मुताबिक उन्हें कई बार धमकियां मिल चुकी है। दो साल पहले जान से मारे जाने की धमकी मिलने पर उन्होंने राज्य पुलिस से भी शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने उसे कानूनी धाराओं में उलझाकर सुरक्षा मुहैया कराने से टाल दिया। जबकि राज्य के गृह विभाग के सचिव ने स्पष्ट तौर पर आरटीआई कार्यकर्ताओं को धमकी मिलने पर तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था।

उत्तर प्रदेश ही नहीं, असम के संजीब टंटी, महाराष्ट्र के अभय पाटिल, हरियाणा के जय भगवान और गुजरात के अय अमबालिया सहित कई राज्यों के आरटीआई कार्यकर्ता पुलिस के इस रवैये से प्रभावित हैं। विभिन्न राज्यों में आरटीआई कार्यकर्ताओं की शिकायत पर 55 मामले तब दर्ज किए गए जब उन पर हमला हो गया।

जबकि उत्पीड़न के 70 और हत्या के 25 मामलों में यह सामने आया है कि पुलिस को घटना से पहले लिखित शिकायत भेजकर आगाह किया गया था। केंद्र सरकार व्हिसल ब्लोअर की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लोकसभा में विधेयक पास करा चुकी है और राज्यसभा में भी पेश कर चुकी है जो शीत सत्र में कानून बन सकता है। लेकिन आरटीआई कार्यकर्ताओं का सवाल है कि महज कानून बनाए जाने से पुलिस महकमे का रवैया बदला जा सकेगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

रामानंद सागर की पड़पोती ने फिर दिखाया हॉट लुक, इंस्टाग्राम पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

संविधान के दायरे में कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयारः अमित शाह

We are ready to talk on Kashmir, say Amit Shah in Party national council meeting
  • रविवार, 25 सितंबर 2016
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top