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दिल्ली में बिजली के बिल पर मिली राहत

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो

Updated Tue, 23 Oct 2012 12:08 AM IST
Relief on electricity bills in Delhi
बिजली बिल की मार से बेहाल दिल्ली को आखिरकार राहत मिली है। डीईआरसी ने आम उपभोक्ता के सिर से स्लैब का बोझ हटा दिया है। अगर बिजली की मासिक खपत 201 यूनिट या उससे ऊपर 400 यूनिट तक भी चली जाती है तो बिजली का ताजा बिल पिछले बिलों के मुकाबले कम आएगा। इतना ही नहीं, पहले जो बढ़ा हुआ बिल आपने दिया है उसे भी हिसाब में जोड़ लिया जाएगा। अब 201 यूनिट मासिक खर्च करने वाले उपभोक्ता के बिल में से 438 रुपये और 300 यूनिट मासिक खर्च वाले उपभोक्ता के बिल में से 300 रुपये घटा दिए जाएंगे।
डीईआरसी की सचिव जयश्री रघुरमन ने बताया कि नए टैरिफ और स्लैब से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। मध्यम वर्ग के उपभोक्ता को अब 200 यूनिट से ऊपर जाने पर सीधे अगले स्लैब के हिसाब से बिल नहीं चुकाना पड़ेगा। इतना ही नहीं जो उपभोक्ता मासिक 200 यूनिट तक खर्च करते हैं, उन्हें सरकार से प्रति यूनिट 1 रुपये की सब्सिडी भी मिलती है। प्रारंभिक 200 यूनिट तक टैरिफ में प्रति यूनिट 70 पैसे की बढ़ोतरी हुई है तो 201-400 यूनिट के स्लैब में भी उतनी ही बढ़ोतरी की गई है।

डीईआरसी के आदेश में साफ किया गया है कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 62(4) के अधिकार का इस्तेमाल करके स्लैब व दर में परिवर्तन किया गया है। इसमें अधिकार दिया गया है कि सामान्य तौर पर एक बार टैरिफ ऑर्डर बदला जा सकता है जबकि विशेष परिस्थिति में दो बार भी परिवर्तन किया जा सकता है। नए आदेश से 201-400 यूनिट मासिक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को औसतन 15 फीसदी की राहत मिली है। हालांकि दिल्ली में बिजली बिल का करंट छह महीने बाद फिर लग सकता है क्योंकि अंतिम टैरिफ ऑर्डर अप्रैल 2013 में आने की संभावना है।

बिजली दर व स्लैब की तुलना
पुरानी स्लैब..............दरें/यूनिट..............नया स्लैब........दरें/यूनिट
0-200....................3.70 रुपये.............0-200.............3.70 रु
0-400....................4.80 रुपये.............201-400..........5.50 रु
400 से अधिक    ........6.40 रुपये..............
400 से अधिक    ..........6.50 रु

विरोध की ताकत से पिघला स्लैब
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में प्रदर्शन हुए वहीं विपक्षी पार्टी के साथ-साथ आरडब्ल्यूए ने भी आवाज उठाई। इसके बाद 8 अक्तूबर को डीईआरसी ने पहले जनसुनवाई बुलाई व 10 अक्तूबर को नोटिस जारी करके 17 अक्तूबर तक लिखित सुझाव मांगे।

कोट
डीईआरसी और सरकार बिजली कंपनियों से मिले हुए हैं। उपभोक्ताओं की आंखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। बिजली बिल को लेकर आंदोलन आरडब्ल्यूए के साथ जारी रहेगा। डीईआरसी चेयरमैन ईमानदारी से काम नहीं कर रहे हैं, उनका फिर घेराव करेंगे। नब्बे पैसे बढ़ाकर बीस पैसे कम करने की बात कही जा रही है। बिजली कंपनियों को आरटीआई के तहत लाना चाहिए और नई बिजली कंपनियों को भी मौका देना चाहिए ताकि आपसी प्रतिस्पर्धा में उपभोक्ताओं को लाभ मिले। -विजय गोयल, बिजली-पानी आंदोलन के संयोजक व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री
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