आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

रामदेव का आरोग्य बेसन, शुद्ध शहद टेस्ट में फेल

हरिद्वार/ब्यूरो

Updated Wed, 26 Sep 2012 02:00 AM IST
ramdev health besan and pure honey failed in test
बाबा रामदेव के प्रतिष्ठान से लिए गए छह खाद्य पदार्थों के सैंपल में खामियां पाई गई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों के लेबल और ब्रांड से संबंधित कई कमियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद से पतंजलि फूड प्रोडक्ट से संबंधित संस्थानों में हड़कंप मचा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 16 अगस्त को पतंजलि प्रोडक्ट्स के बिक्री केंद्र दिव्य योग मंदिर कनखल पर छापा मारा था। यहां से पतंजलि फूड पार्क के लेबल लगे सरसों का तेल, आरोग्य बेसन, नमक, काली मिर्च, शुद्ध शहद और अनानास जैम के नमूने भरे थे। इनको खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला रुद्रपुर में परीक्षण के लिए भेजा गया था। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इन सैंपल की जांच रिपोर्ट मंगलवार को सार्वजनिक की गई।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सरसों के जिस तेल को पतंजलि फूड पार्क का लेबल लगाकर बेचा जा रहा है वह आर एंड जे ऑयल एंड फेट प्राइवेट लिमिटेड झोटवाड़ा (जयपुर) राजस्थान ने तैयार किया है। आरोग्य शब्द लिखना भी गैरकानूनी है। आरोग्य खाद्य पदार्थ पर नहीं लिखा जा सकता। खाद्य पदार्थों पर मेडिकल दावे नहीं किए जा सकते। तेल की पैकिंग पर पेन किलर लिखना भी अवैध है।

काली मिर्च के पैकेट पर भी आरोग्य लिखा गया है, जो नियमानुसार सही नहीं है। न्यूट्रीशनल वैल्यू की जानकारी भी पैकेट के ऊपर होनी चाहिए। नमक पतंजलि कंपनी के नाम से बाजार में बिक रहा है, जबकि यह कच्छ गुजरात स्थित अंकुर कंपनी का उत्पाद है। शुद्ध शहद भी लीची से बनाया गया है और उसमें केवल पांच फीसदी ही शहद है। पैक के ऊपर दवाई जैसी बातें लिखना अनुचित है। अनानास जैम के पैकेट पर भी शुद्ध लिखा है जबकि इसमें फ्लेवर का उपयोग किया गया है। वहीं आरोग्य बेसन पर भी सवाल उठाया गया है। कहा गया है कि किसी खाद्य पदार्थ को मेडिकल की दृष्टि से प्रमाणित नहीं किया जा सकता। बेसन के पैकेट पर शुद्ध शाकाहारी का लेबल नहीं लगाया जाना भी गलत है।

15 लाख रुपये तक की पेनल्टी
'प्रत्येक प्रोडक्ट की कमी पर एक मुकदमा दर्ज होगा। सभी छह मुकदमे एडीएम के न्यायालय में दर्ज कराए जाएंगे। इससे पहले कंपनी को उनके प्रोडक्ट्स में मिली कमियों की जानकारी दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा के लेबलिंग और पैकिंग अधिनियम के तहत प्रत्येक प्रोडक्ट में पाई गई कमी पर 15 लाख रुपये तक की पेनल्टी हो सकती है।'
- आरएस रावत, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, हरिद्वार

नोटिस मिलने पर देंगे जवाब
'हम पहले भी कह चुके हैं कि प्रदेश सरकार केंद्र के इशारे पर काम करने को मजबूर है। केंद्र कितना भी उत्पीड़न कर ले अथवा करा ले, कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। अनेक नोटिसों का जवाब दे चुके हैं। अब नोटिस मिलेगा तो उचित माध्यम से जवाब देंगे।'
- आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री पतंजलि योगपीठ
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

ईद पर हर आम और खास की पहली पसंद होते हैं ये व्यंजन

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

कुछ तो समझिए जनाब! लड़कियों के ये इशारे बताते हैं उनके दिल की बात

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

गुस्सा आए तो पहले कहीं टहल आएं...और भी हैं कई टिप्स काम के

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

...ताकि इस बरसात न खराब हो आपके बालों की सेहत, ये टिप्स हैं कारगर

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

पहली बार बिकिनी में नजर आईं टीवी की 'नागिन', बॉलीवुड एक्ट्रेस को दे रहीं कड़ी टक्कर

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

Most Read

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top