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वॉलमार्ट की लॉबिंग पर सियासी बवाल

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो

Updated Mon, 10 Dec 2012 10:25 PM IST
political scene on wal mart lobbying
अमेरिकी सुपर स्टोर वॉलमार्ट के रिटेल में एफडीआई की लॉबिंग पर भारत में 125 करोड़ रुपये खर्च करने के खुलासे पर संसद में सियासी बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा समेत तमाम विपक्षी दलों ने इस लॉबिंग को भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बताते हुए राज्यसभा में सरकार को घेरा। साथ ही सरकार से इस लॉबिंग में शामिल लोगों के नाम उजागर करने की मांग भी की।
एफडीआई पर संसद में सियासी शिकस्त से घायल विपक्ष को वॉलमार्ट लॉबिंग के मामले ने नई ऊर्जा दे दी है। विपक्ष ने इसे यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार का मामला बताकर राज्यसभा में जोरदार हंगामा कर कार्यवाही ठप करा दी। एफडीआई के इस नए सियासी उबाल को थामने के लिए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच करा रही है। सरकार की ओर से जल्द इस मुद्दे पर जवाब भी दिया जाएगा।

वहीं, विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं। भाजपा के साथ माकपा, भाकपा, जद यू, तृणमूल कांग्रेस, असम गण परिषद और अन्नाद्रमुक ही नहीं सपा ने भी सोमवार को राज्यसभा में इस मसले को उठाते हुए प्रधानमंत्री से जवाब की मांग रख दी। इस मुद्दे पर सरकार की ओर से संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने आश्वासन दिया कि सरकार इसका जवाब देगी और जरूरत पड़ी तो जांच भी कराई जाएगी। लेकिन विपक्षी दल हंगामा करते रहे और सदन को लंच से पहले दो बार स्थगित करना पड़ा।

भाजपा ने कहा है कि सरकार की ओर से जवाब नहीं मिलने तक सदन में उसका घिराव जारी रहेगा। पार्टी नेता वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार को उन लोगों के नाम बताने होंगे जो इस लॉबिंग में शामिल हैं। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वॉलमार्ट की लॉबिंग का अंदेशा पहले से ही जताया जा रहा था। अब यह सच साबित हो गया है। ऐसे में सरकार जवाब देने से नहीं बच सकती। प्रसाद के मुताबिक भारत में लॉबिंग गैर कानूनी है। यह घूस है और सरकार को बताना होगा कि घूस किसे दिया गया।

क्या है मामला
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक अमेरिकी सीनेट में वॉलमार्ट संबंधी एक रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने भारत में एफडीआई को मंजूरी दिलाने के लिए लॉबिंग की है जिसमें 125 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें 15 करोड़ रुपये इसी साल खर्च किए गए।

सभी आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। अमेरिकी कानून के मुताबिक अमेरिक ी कंपनियों को हर तिमाही में लॉबिंग पर किए खर्च का ब्यौरा देना जरूरी है। इस खर्च में कर्मचारियों से जुड़े खर्च, संगठनों की देनदारी, सलाहकारों और अमेरिका में किए गए खर्च शामिल होते हैं।
भारती वॉलमार्ट के प्रवक्ता


वॉलमार्ट की लॉबिंग का अंदेशा पहले से ही जताया जा रहा था। अब यह सच साबित हो गया है। भारत में लॉबिंग गैर कानूनी है। यह घूस है और सरकार को बताना होगा कि घूस किसे दिया गया।
रविशंकर प्रसाद, भाजपा


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