आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

केंद्रीय कैबिनेट में बचे अब सहयोगियों के गिने चुने मंत्री

नई दिल्ली/धीरज कनोजिया

Updated Sun, 28 Oct 2012 11:57 PM IST
now few remaining allies in the Union Cabinet Minister
यूपीए-2 सरकार का का स्वरूप लगभग पूरी तरह से कांग्रेसी हो गया है। रविवार को मंत्रिमंडल के फेरबदल में घटक दल के सिर्फ एक मंत्री को जगह मिलने के साथ ही 78 मंत्रियों के मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल में घटक दलों के सिर्फ 9 ही मंत्री रह गए हैं। इसी तरह यूपीए सरकार के शीर्ष के चार मंत्रालयों में अब सहयोगी दलों का कोई भी मंत्री नहीं है। वित्त, रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय पर कांग्रेस ने अपना कब्जा जमा लिया है। ममता बनर्जी के यूपीए सरकार से नाता तोड़ने के बाद यूपीए की गठबंधन सरकार में सहयोगी दलों की भूमिका सिमट कर रह गई है।
 
रविवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल में एनसीपी कोटे से वरिष्ठ सांसद तारिक अनवर को महज राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया। यहीं नहीं एनसीपी कोटे की अगाथा संगमा के इस्तीफे के बाद ही अनवर को मंत्री पद नसीब हो पाया है। मनमोहन सरकार में अब एनसीपी प्रमुख शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, द्रमुक से एमके अलागिरी और रालोद प्रमुख अजित सिंह ही कैबिनेट मंत्री हैं। यानी केंद्रीय मंत्रिमंडल में कांग्रेस का दबदबा होने से पार्टी मनमाफिक फैसला लेने की हैसियत में है।

आर्थिक सुधारों की गाड़ी को टॉप गियर में लाकर मनमोहन सरकार ने इसका उदाहरण पहले ही दे दिया है। सुरक्षा और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति में भी घटक दलों की मौजूदगी नगण्य है। यूपीए समन्वय समिति ही अब सहयोगी दलों के लिए एकमात्र तंत्र बच गया है, जहां सहयोगी दल अपनी बात सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने कहने की हैसियत में है। अब तो केंद्रीय मंत्रिमंडल हो या फिर अहम मामलों की नीति निर्धारक समितियां, सहयोगी दल अपनी हैसियत खोते दिख रहे हैं।

एक के बाद एक मंत्री विवादों में फंसने के बाद द्रमुक कमजोर पड़ी हुई है। ताजा मंत्रिमंडल फेरबदल में उसने अपने हिस्से की खाली पड़े दो कैबिनेट मंत्रियों की कुर्सी पर अपना नुमाइंदा देने से ही इनकार कर दिया था। द्रमुक प्रमुख एम. करुणानिधि ने यूपीए सरकार के सामने साफ तौर से अपने गुस्से का इजहार किया। मगर उसका कोई फायदा नहीं हुआ। सरकार ने द्रमुक को नजरअंदाज कर फेरबदल को न सिर्फ अंजाम दिया, बल्कि द्रमुक कोटे के खाली पड़े पदों पर कांग्रेस का नुमाइंदा तैनात कर दिया है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

iPhone 8 की जानकारी लीक, जानें क्या होंगी खूबियां

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

परिवार है बड़ा तो ये कारें है बेहतरीन विकल्प

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

NIFT-2017: एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

अपने स्मार्टफोन में ऐसे करें एंड्रॉयड नूगट 7.0 अपडेट 

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

सरकारी नौकरी में इंजीनियर्स के लिए बम्पर भर्तियां, यहां करें आवेदन

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

Most Read

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

संविधान के दायरे में कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयारः अमित शाह

We are ready to talk on Kashmir, say Amit Shah in Party national council meeting
  • रविवार, 25 सितंबर 2016
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top