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जमीन के लालच में लॉटरी से हुआ मां का ‘बंटवारा’

अलीगढ़/ब्यूरो

Updated Tue, 23 Oct 2012 09:11 AM IST
lottery decides with whom mother will live
कहते हैं कि लालच में आदमी किसी भी हद तक पहुंच जाता है। ऐसा ही कुछ सोमवार शाम क्वारसी थाने में देखने को मिला। एक बीघा जमीन के लिए तीन बेटे अपनी मां का बंटवारा करने को तैयार हो गए और पुलिस ने भी विवाद न सुलझता देख रास्ता निकाल लिया कि लॉटरी के जरिये मां का बंटवारा करा दिया जाए। बस फिर क्या था, पड़ गई तीनों बेटों के नाम की लॉटरी और मां को मझले बेटे के सुपुर्द कर दिया गया।
जमीन पर है तीनों भाइयों की निगाहें
हुआ यूं कि मडराक के गांव मुकुंदपुर निवासी स्व. यादराम के तीन बेटे महानगर के लक्ष्मीनगर क्वारसी इलाके में मकान बनाकर रह रहे हैं। तीनों क्रमश: दलवीर सिंह, बाबूलाल और प्रेमपाल अलग-अलग रहते हैं और उनका अपना-अपना व्यापार भी है। अभी इनकी मां सरबती देवी (80) जीवित हैं, जिनके नाम गांव में रोड के पास एक बीघा जमीन भी है। इस जमीन पर तीनों भाइयों की निगाहें हैं। सरबती देवी इन दिनों बाबूलाल के पास रह रही थीं। इसे लेकर प्रेमपाल ने पिछले दिनों एसएसपी के अलावा डीआईजी और डीजीपी तक शिकायत भेजी कि 18 अक्टूबर को उनकी मां को बाबूलाल व उसका बेटा जबरन ले गया है। उसने शक जताया कि कहीं जमीन के लिए वह कोई हरकत न कर दे।

लॉटरी का खयाल
इस मामले को निपटाने के लिए एसओ क्वारसी के पास भेजा गया। सोमवार को एसओ ने तीनों बेटों व सरबती देवी को बुलाया। इस दौरान थाने में ही वे तीनों झगड़ा करने को आमादा हो गए। इस पर एसओ ने गंभीर रुख अपनाते हुए तीनों को पहले समझाने का प्रयास किया, जब तीनों अपनी जिद पर अड़े रहे तो सरबती देवी से उनकी इच्छा जानी गई। बाद में तय हुआ कि क्यों न लॉटरी डाल ली जाए। जिसके नाम की पर्ची निकलेगी, सरबती देवी उन्हीं के साथ जाएंगी।

ऐसे हुआ ‘बंटवारा’
इस पर मां व तीनों बेटे सहमत हो गए। बस फिर क्या था, तीनों बेटों के नाम पर पर्ची डाली गई। एक बच्चे से उसे निकलवाया गया। संयोगवश पर्ची भी बाबूलाल के नाम की ही निकली। इस पर सरबती देवी को बाबूलाल के साथ ही भेज दिया गया। इस कार्रवाई पर तीनों बेटों के हस्ताक्षर भी करा लिए गए हैं। एसओ डॉ. विनोद पायल के अनुसार काफी प्रयास के बाद भी जब मसला नहीं निपटा तो तीनों बेटों की सहमति पर मजबूरन यह प्रक्रिया अपनानी पड़ी।
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