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'सेना में दलाली नेताओं और नौकरशाहों की देन'

देहरादून/ब्यूरो

Updated Sat, 15 Dec 2012 12:42 PM IST
leaders and bureaucrats are responsible for brokerage in arms dealing
पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने रक्षा सौदों में होने वाली दलाली को लेकर नेताओं और नौकरशाहों पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सेना में दलाली नेताओं और नौकरशाहों की देन है। उन्होंने वर्ष 2010 में सेना की ‘सेहत’ सुधारने के लिए कई जरूरी कदम उठाए थे।    
जनरल सिंह सेना में भ्रष्टाचार पर एक पुस्तक लिख रहे हैं। अगस्त या सितंबर 2013 तक इस किताब के बाजार में आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पुस्तक में उनके सेवानिवृत्ति विवाद समेत कई मसलों का उल्लेख किया जा सकता है। उन्होंने शुक्रवार को देहरादून में पूर्व सैनिकों की एक सभा को संबोधित करने के बाद ये विचार व्यक्त किए।   

रिटेल में एफडीआई से चीन को होगा फायदा
रिटेल में एफडीआई संबंधी यूपीए सरकार के निर्णय पर भी उन्होंने सवाल उठाए। जनरल इसे देशहित में नहीं मानते। उनका साफ कहना है कि भारत में इसे लागू किए जाने का सीधा मतलब है चीन को फायदा। जनरल सिंह के अनुसार देश भ्रष्टाचार से त्रस्त है। इससे निजात पाने के लिए देश के युवाओं, किसानों और पूर्व सैनिकों को एकजुट होना होगा।

'70 फीसदी उत्पाद विदेशों से आएगा'
जनरल सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर हो चुकी है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े महज दिखावा हैं। आज भी देश के 70 फीसदी लोगों के पास मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। जनरल सिंह के अनुसार एफडीआई के तहत केवल 30 फीसदी उत्पाद ही भारत का होगा, जबकि 70 फीसदी उत्पाद विदेशों से आएगा। इससे देश के लोग कमजोर होंगे।

अन्ना और केजरीवाल के बीच मतभेद नहीं
जनरल सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के बीच कोई मतभेद नहीं है। दोनों एक ही मकसद से काम कर रहे हैं, लेकिन उनके रास्ते अब अलग-अलग हैं। इससे पहले पूर्व जनरल सिंह ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक, अर्द्धसैनिक संयुक्त संगठन के सम्मेलन को संबोधित किया।

रखा किसानों का दर्द
जनरल सिंह कहते हैं कि देश में किसानों की स्थिति बेहद खराब है। खासतौर पर गन्ना किसानों को एक कुंतल उपज के लिए जितना खर्च करना पड़ता है, वह भी केंद्र और राज्य सरकार के समर्थन मूल्य से अधिक होता है। ऐसे हालात में किसानों की स्थिति लगातार दयनीय होती जा रही है।
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