आपका शहर Close

जानिए, क्या था नोएडा जमीन आवंटन घोटाला

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क

Updated Wed, 21 Nov 2012 09:12 AM IST
know all about noida land scam
1994 में यह घोटाला उस समय हुआ था जब नीरा यादव नोएडा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी थी। इस मामले में नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने नीरा यादव पर भूखंड आवंटित करने में अनियमितताएं बरतने के आरोप की जांच की और रिपार्ट दर्ज की थी। सीबीआई ने कोर्ट में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी।
एक चार्जशीट में नोएडा प्राधिकरण की पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी व यूपी की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव व एक आईएसएस अधिकारी राजीव कुमार को आरोपी बनाया गया था। राजीव उस समय उप कार्यपालक अधिकारी थे। दूसरे चार्जशीट में नीरा यादव पर आरोप लगे कि उन्होंने गलत तरीके से अपनी दो बेटियों सुरुचि और संस्कृति के नाम व्यावसायिक प्लॉट आवंटन करा लिया। इसके लिए दोनों बेटियों का बिजनेस दर्शाया गया, जबकि जांच में आया है कि उस समय सुरुचि दिल्ली के किरोड़ीमल और संस्कृति यूके के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी।

सजा: 20 नवंबर, 2012 को सीबीआई अदालत ने नीरा यादव व राजीव कुमार को तीन-तीन साल की सजा सुनाई।

नीरा पर किस तरीके से कसा शिकंजा
-नोएडा प्लॉट आवंटन घोटाले का खुलासा होने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पर 26 फरवरी 1998 को सीबीआई ने मामला दर्ज किया था।
-मामला नोएडा अथारिटी की तत्कालीन सीईओ नीरा यादव एंड अदर्स के खिलाफ दर्ज हुआ। 16 अक्टूबर 2002 को सीबीआई ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
-नीरा यादव के साथ तत्कालीन डिप्टी सीईओ आईएएस राजीव कुमार को भी आरोपी बनाया गया था।
-मामले की कार्यवाही गाजियाबाद में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस. लाल की अदालत में चली।
-नीरा ने खुद के नाम भी एक प्लॉट गलत तरीके से आवंटित कराया। बाद में उसे दूसरे सेक्टर में बदल लिया। नीरा उस समय नोएडा अथारिटी की चेयरपर्सन थी।
-5 नवंबर को फाइनल बहस के बाद न्यायाधीश ने फैसले के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की।

आईएएस राजीव कुमार पर आरोप
-आईएएस राजीव कुमार पर आरोप है कि पहले उन्हें प्लॉट संख्या बी-86/51 अलॉट किया गया था। इसे उन्होंने ए-36/44 में कन्वर्ट करा लिया। इसके बाद इसे भी उन्होंने 27/14ए में कन्वर्ट करा लिया। 300 मीटर के इस प्लाट के पास ही 105 मीटर की अतिरिक्त पड़ी जमीन को भी उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने नाम पर दर्ज करा लिया।
-फ्लेक्स ग्रुप को सेक्टर 51 में ए 99 नंबर का ग्रुप हाउसिंग प्लॉट आवंटित किया गया। इसमें नियमों को ताक पर रखा गया।
-छह कंपनियों ने किया आवदेन। फ्लेक्स को लेटरपैड पर दिया गया था आवंटन।
-नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गलत सूचनाएं देने और उसे अनुमति देने का काम नीरा यादव ने किया।

पहले भी सजा पा चुकी है नीरा यादव
-7 दिसंबर, 2010 को गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने नीरा यादव और फ्लेक्स ग्रुप इंडस्ट्रीज के मालिक अशोक चतुर्वेदी को 1994 में हुए नोएडा जमीन घोटाले में दोषी करार देते हुए दोनों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई थी।
-नीरा पर पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध तरीके से नोएडा में फ्लैक्स इंडस्ट्री को बीस हजार और आठ हजार मीटर जमीन देना का आरोप था।
-1971 बैच की आईएएस अधिकारी नीरा यादव के लिए भ्रष्टाचार के मामले में यह पहली सजा थी, जबकि एक अन्य मामले में उसे बरी कर दिया गया था।
Comments

स्पॉटलाइट

प्रथा या मजबूरी: यहां युवक युवती को शादी से पहले बच्चे पैदा करना जरूरी

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

बिहार की लड़की ने प्रेमी की डिमांड पर पार की सारी हदें, दंग रह गए लोग

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

अपने पार्टनर के सामने न खोलें दिल के ये राज, पड़ सकते हैं लेने के देने

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: जुबैर के बाद एक और कंटेस्टेंट सलमान के निशाने पर, जमकर ली क्लास

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

अदरक का एक टुकड़ा और 5 चमत्कारी फायदे, रोजाना करें इस्तेमाल

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!