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'अपने हालात सुलझे नहीं कैसे लड़ूंगी दूसरों की लड़ाई'

बुलंदशहर/ब्यूरो

Updated Wed, 12 Dec 2012 08:11 AM IST
how will fight others battles says mehwish
मैं अपने पति की रक्षा नहीं कर पाई। अभी तक मेरे पति के आरोपियों को सजा भी नहीं मिली है। पुलिस प्रशासन ने ऑनर किलिंग होने की बात को झुठला दिया है। अभी मैं अपने लिए संघर्ष कर रही हूं। ऐसी स्थिति में दूसरों के लिए क्या संघर्ष करूंगी, अभी मेरा मकसद केवल अब्दुल को आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना और अपने दो बेटियों की परवरिश करना है।
यह कहना है अब्दुल हकीम की पत्नी महविश का। महविश ने बताया कि सोमवार को मेरठ की संस्था संकल्प की सचिव अतुल शर्मा ने उनकी संस्था का ब्रांड एंबेसडर बनने का प्रस्ताव रखा था। अतुल शर्मा ने बताया था कि वह ऑनर किलिंग से  आशंकित प्रेमदीवानों की तीन वर्ष से लड़ाई लड़ रहीं हैं। घर से भागकर सही पनाह की तलाश में घूम रहे प्रेमदीवानों के लिए मवाना रोड पर उन्होंने एक आशियाना भी बनाया है। जो प्रेमी युगल कोई काम करना चाहेगा, उसे यहां से काम भी दिलाया जाएगा।

महविश ने बताया कि अतुल शर्मा का प्रस्ताव था कि वह प्रेमदीवानों के लिए बनाए गए इस आशियाने का उद्घाटन करने मेरठ आए। इसके अलावा वह उनकी संस्था की ब्रांड एबेंसडर बनकर प्रेम दीवानों की मदद करें और उनकी लड़ाई लड़ें। अतुल शर्मा के प्रस्ताव के बाद महविश पशोपेश में हैं, उन्होंने फिलहाल हकीम के हत्यारोपियों को सजा दिलाना ही अपना मकसद बताया है और कहा है कि जब वह अपनी लड़ाई नहीं जीत सकतीं तो वह किसी और की लड़ाई कैसे लड़ेंगी?

हर हाल में होगी मजिस्ट्रेटी जांच
अब्दुल हकीम हत्याकांड की मजिस्ट्रेटी जांच हर हाल में होगी। हत्या की असल वजह सामने आकर रहेगी। सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेशाध्यक्ष और खादी ग्रामोद्योग राज्य मंत्री हाजी रियाज अहमद एक सप्ताह पहले भाटगढ़ी जाकर अब्दुल हकीम की पत्नी महविश से मिले थे। उन्होंने महविश को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था।

महविश का कहना था कि पुलिस उसके पति की हत्या को ऑनर किलिंग नहीं मान रही है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मंत्री ने मजिस्ट्रेटी जांच कराने और महविश को पांच लाख की सरकारी मदद का ऐलान किया था। पांच लाख की आर्थिक मदद मंजूर हो गई है। मंत्री खुद बुधवार को चेक महविश को देने आएंगे। लेकिन मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश अभी तक नहीं हुए। अफसर इस सवाल पर चुप हैं।

बुधवार को मंत्री रियाज अहमद ने अमर उजाला को बताया कि वह सुबह ग्यारह बजे भाटगढ़ी पहुंचेंगे। पूरे मामले की हर हाल में मजिस्ट्रेटी जांच होगी। अगर जिला स्तर पर आदेश नहीं हुए हैं तो वह अफसरों से जवाब तलब करेंगे। जांच को भी जल्द पूरा कराया जाएगा। जो भी भाटगढ़ी में उन्होंने ऐलान किया था वह नीतिगत फैसला था।
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