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3.11 रुपए में कैसे मिलेगा बच्चों को पौष्टिक भोजन?

इलाहाबाद/ब्यूरो

Updated Sat, 22 Sep 2012 01:33 PM IST
how children will get nutritious meal in three rupees
थाली में दाल, रोटी, सब्जी, खीर और कढ़ी, वह भी केवल तीन रुपए में। हैरान हो गए न आप! कोई भी हैरान हो सकता है लेकिन सर्व शिक्षा अभियान को इस बजट में कोई अचंभा नहीं दिखता। तभी तो प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील के लिए प्रति बच्चे केवल तीन रुपए 11 पैसे की दर तय की गई है। यानी केवल तीन रुपये में दोपहर का भोजन।
महंगाई का आलम यह है कि लगभग सभी जरूरी चीजों के दाम दोगुने-तीन गुने हो गए हैं। रसोई गैस, दाल, सरसो का तेल, घी और मसाले की कीमतें पिछले दो महीनों में 25 फीसदी से अधिक हो गईं। आर्थिक मंदी के नाम पर पेट्रोल, डीजल से लेकर रसोई गैस और सभी चीजे महंगी करने वाली सरकार को बच्चों के भोजन के मद की फिक्र नहीं है।
 
सभी जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ने के बाद भी मिड डे मील का बजट नहीं बढ़ा। मात्र तीन रुपए 11 पैसे में बच्चों को एक वक्त का भोजन देने का बजट किस सोच से तैयार किया गया। कैसे सरकार ने इसे पास कर दिया, यह समझ से परे है। हद तो यह है कि इसे पूरी तरह लागू कराने के लिए प्राथमिक शिक्षकों पर बराबर दबाव भी पड़ रहा है। शिक्षकों पर जो मेनू लागू करने का दबाव है, उसे तीन क्या 15 रुपए प्रति बच्चे की दर से भी लागू करना मुश्किल है।

पौष्टिक भोजन तो दूर, खीर भी संभव नहीं
अब जरा एक दिन के भोजन का मेनू देखिए। सबसे सरल मेनू। बुधवार को बच्चों को कढ़ी चावल या खीर देने का प्रावधान है। यदि कढ़ी बने तो सौ बच्चों के लिए विभाग ने ढाई किलो बेसन, 500 ग्राम तेल और मसाला तय किया है। यदि खीर बने तो दस लीटर दूध और तीन किलोग्राम चीनी। दस लीटर दूध यानी औसतन 250 रुपए और तीन किलोग्राम चीनी यानी 120 रुपए।

यानी सौ बच्चों को केवल खीर दी जाए तो केवल सामान के 370 रुपए चाहिए जबकि विभाग की तरफ से केवल 311 रुपए तय है। इसमें अन्य कोई खर्च शामिल नहीं है। जाहिर है कि कि पौष्टिक भोजन तो दूर, दोपहर भोजन में केवल खीर देना है तो भी तीन रुपए प्रति छात्र की दर से संभव नहीं है लेकिन सर्व शिक्षा अभियान यह अजूबा भी कर रहा है।  

अक्सर मिलती है खिचड़ी
अक्सर बच्चों को तय भोजन के बजाय खिचड़ी दी जाती क्योंकि उसका बजट कम है। ताज्जुब यह कि खिचड़ी मेनू में है ही नहीं। खिचड़ी बनाने के लिए चावल अलग से मिलता है। उसमें दिखाने भर को दाल और दो-चार आलू डाल दिए जाते हैं।  

सोयाबीन, मेवा, सांभर कभी देखा नहीं
मेनू के मुताबिक बच्चों को मेवे वाली खीर, सोयाबीन मिश्रित सब्जी और सांभर भी मिलना चाहिए लेकिन ऐसा होता नहीं। तीनों ऐसी चीजें हैं जिनके लिए बजट नहीं है। दाल, सब्जी, नमक, मसाला, तेल-घी की व्यवस्था करना ही मुश्किल है।
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