आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

'संसद हमले की बरसी पर अफजल को दो फांसी'

नई दिल्ली/ब्यूरो

Updated Wed, 12 Dec 2012 09:14 AM IST
hanging afzal on anniversary of parliament attack says bjp
भाजपा ने मांग की है कि संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन ही इस मामले में दोषी करार अफजल गुरू को फांसी दी जाए। संसद हमले की बरसी से दो दिन पहले भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अगर अफजल को इस दिन फांसी दी जाती है, तो यह शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वर्ष 2001 में 13 दिसंबर को संसद पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें सुरक्षाकर्मियों समेत नौ लोग मारे गए थे और 16 अन्य घायल हुए थे। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सोमवार को कहा था कि अफजल गुरू की दया याचिका पर संसद के शीतकालीन सत्र के बाद विचार किया जाएगा।

इस पर शाहनवाज ने कहा कि संसद सत्र के दौरान ही हमलावर को फांसी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को चुनाव या वोट बैंक की राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरकार को इस बात की भी परवाह नहीं करनी चाहिए कि अफजल को फांसी देने पर संसद में कोई उसे मुद्दा बनाएगा।

इस बीच केंद्र सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी संगठन की ओर से दी जाने वाली धमकी से इस प्रकार के फैसलों के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं पहुंचती। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने मंगलवार को लोकसभा में आर थामराई सेलवन और संजय निरूपम के सवालों के लिखित जवाब में यह बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि अपराधी को फांसी दिए जाने के लिए संविधान में कोई समय सीमा तय नहीं की गयी है। रामचंद्रन ने कहा कि अफजल गुरू की दया याचिका संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत लंबित है। कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया में किसी भी समूह या दल की ओर से किसी प्रकार की धमकी या चेतावनी आदि से बाधा नहीं पहुंचती है।

गृह राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय का संबंध केवल मृत्यु दंड प्राप्त कैदी या उसकी ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत की गई दया याचिकाओं से है। यह मंत्रालय दया याचिका की जांच करता है और इसे केंद्रीय गृह मंत्री की सिफारिश के साथ फैसले के लिए भारत के राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है। यह एक संवैधानिक योजना है। संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत प्रदत्त शक्ति में समय की कोई सीमा नहीं है जिसके अंदर प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

वजन बढ़ाकर बुरे फंसे रणबीर, दुनिया दे रही ताने

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

रोज 15 मिनट की इस एक्सरसाइज से घटाएं वजन

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

कार में महिला ले रही थी अपनी सेल्फी पर साथ में बैठा था कोई और...

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

आम के साथ इसके छिलके भी हैं फायदेमंद, ऐसे करें इस्तेमाल

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

मालदीव में छुट्टियां मना रही हैं निया शर्मा, हॉट तस्वीरें हुई वायरल

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

Most Read

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

संविधान के दायरे में कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयारः अमित शाह

We are ready to talk on Kashmir, say Amit Shah in Party national council meeting
  • रविवार, 25 सितंबर 2016
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top