आपका शहर Close

गुजरातः सेमीफाइनल के बिना ही फाइनल खेलेंगे राहुल

इंदुशेखर पंचोली/अहमदाबाद

Updated Mon, 10 Dec 2012 07:51 AM IST
gujarat congress announces rahul gandhi campaign programme
देश की दशा व दिशा तय करने वाले तथा कांग्रेस के लिए आरपार की लड़ाई माने जा रहे गुजरात चुनाव में अब राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी आमने-सामने नहीं होंगे। पहले दौर का चुनाव प्रचार थमने से ठीक पहले 11 तारीख को राहुल की महज एक चुनावी सभा होगी। दूसरे दौर में वे गुजरात पहुंचेंगे या नहीं, यह फिलहाल तय नहीं है। पहले बिहार, फिर उत्तर प्रदेश में राहुल की अगुवाई में लड़े गए चुनाव में कांग्रेस की करारी हार ने पार्टी को उनके दम पर गुजरात में दांव लगाने से रोक दिया है।
अगले लोकसभा चुनाव के लिए सेमीफाइनल माने जा रहे गुजरात चुनाव में राहुल गांधी की गैरहाजिरी कांग्रेसियों की बेचैनी का सबब है। चंद दिन पहले तक जो नेता यह दावा कर रहे थे कि गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए हर सीट से राहुल गांधी की मांग आ रही है, वे अब मुंह छिपाए घूम रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व इसे जहां अपना रणनीतिक फैसला बता रहा है, वहीं भाजपा राहुल को रणछोड़ करार दे रही है।

प्रचार के लिए भेजे जा रहे दूसरी व तीसरी कतार के नेताओं की सभाओं में भीड़ जुटाने में मशक्कत कर रही गुजरात कांग्रेस के कुछ नेता इस फैसले से नाखुश भी हैं। तीन दिन के दौरे पर अपने घर पहुंचे सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने वडोदरा में शनिवार को जब दोहराया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल ही कांग्रेस की अगुवाई करेंगे, तो मुद्दा फिर गरमा गया।

इस बीच, गुजरात चुनाव के प्रभारी मोहन प्रकाश ने पुष्टि की कि राहुल 11 तारीख को अमरेली में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। अगले दौर में सभा कहां होगी? इस सवाल पर उनका कहना था कि अभी तय होना है। राहुल ही नहीं, सोनिया गांधी और रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सभा भी कांग्रेस ने उन इलाकों में करवाई, जहां भाजपाई बागी केशुभाई पटेल के कारण नरेंद्र मोदी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोनिया ने दो दिन पहले जब यहां सभा की तो राहुल अमेठी में अपना घर संभालने गए हुए थे।

...इसलिए घबराहट
सियासी समीक्षकों का कहना है कि अगले लोकसभा चुनाव के लिए मोदी बनाम राहुल भले मीडिया की क्रिएशन हो, लेकिन कांग्रेस में इससे घबराहट है। गुजरात चुनाव में जिस तरह मोदीत्व हावी है, उससे कांग्रेस जोखिम लेने की हालत में नहीं है। चर्चित स्तंभकार विद्युत ठाकुर कहते हैं कि 2002 व 2007 की तुलना में कांग्रेस का प्रचार इस बार ज्यादा व्यवस्थित है, धन भी खुलकर खर्च किया जा रहा है। अलबत्ता, बिहार व यूपी की हार ने मोदी के मुकाबले राहुल गांधी को खड़ा करने में कांग्रेस के हाथ बांधे हुए हैं। उनका दावा है, कांग्रेस का ज्यादा जोर मोदी को हराने के बजाय उनका कद घटाने में है।

सोनिया-मनमोहन भी सीधे हमले से बचे
2007 में सोनिया गांधी की नरेंद्र मोदी पर ‘मौत का सौदागार’ की टिप्पणी कांग्रेस को इतनी भारी पड़ी थी कि पांच साल बाद भी वे और मनमोहन सिंह मोदी पर सीधे हमले से बच रहे हैं। सोनिया की अब तक तीन सभाएं हो चुकीं हैं। रविवार को प्रधानमंत्री भी एक रस्मी सभा कर गए, लेकिन उनके भाषण में मोदी का नाम तक नहीं था।

उन्होंने सरकार को कोसा, विकास का सारा श्रेय केंद्र के खाते में डाला, भ्रष्टाचार व कानून-व्यवस्था और चंद लोगों के ही विकास के आरोप लगाए, मुसलमानों से भेदभाव का मुद्दा भी उठाया, लेकिन मोदी का नाम नहीं लिया। यहां तक कि अहमद पटेल और राज बब्बर भी मोदी का नाम लेने से बचते रहे। कांग्रेस के एक बड़े नेता कहते हैं, मोदी का पता नहीं, वे किसे मुद्दा बनाकर उछाल दें।

...मेरा कोई दामाद नहीं
सोनिया और मनमोहन सिंह भले ही मोदी पर सीधा हमला करने में बच रहे हो, लेकिन मोदी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वह अपनी सभाओं में कह रहे हैं कि मेरा कोई दामाद नहीं है इसलिए भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं है। मोदी ‘मौत का सौदागर’ से संदर्भ जोड़ते हुए कहते हैं कि 2007 में जनता ने कांग्रेस के पैर उखाड़ दिए। अब मुझे दगाबाज कहा गया है, ऐसा जवाब दीजिए कि कांग्रेस का दोबारा उठना मुश्किल हो जाए। प्रधानमंत्री ने जब रविवार को गुजरात के विकास पर सवाल उठाए, तो मोदी ने उन्हें सीधे धोखेबाज कहकर हमला किया।
Comments

स्पॉटलाइट

चंद दिनों में बालों को घना काला करता है लहसुन का ये चमत्कारी पेस्ट

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

Dhanteras 2017: इन चीजों को खरीदने में दिखाएंगे जल्दबाजी तो होगा नुकसान, जानें कैसे

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

पकड़ने गए थे मछली, व्हेल ने कुछ ऐसा उगला मछुआरे बन गए करोड़पति

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

इस दीपावली घर का रंग-रोगन हो कुछ ऐसा कि दीवारें भी बोल उठें 'हैप्पी दिवाली'

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

कहीं मजाक करते समय अपने पार्टनर का दिल तो नहीं तोड़ रहे आप?

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!