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एनजीओ के काले कारनामे अब सरकार के निशाने पर

नई दिल्ली/प्रियंवदा सहाय

Updated Tue, 23 Oct 2012 10:38 PM IST
Government will target black activities of NGO
भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही सरकार अब गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के काले कारनामों को उजागर करने की तैयारी कर रही है। सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े एनजीओ को अब अपनी विश्वसनीयता साबित करने के लिए केंद्र के पैमाने पर खरा उतरना होगा। इसके बाद ही वे सरकारी योजनाओं में अपनी भागीदारी निभा सकेंगे। केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं में अब उन्हीं एनजीओ को सम्मिलित किया जाएगा जिन्हें योजना आयोग की ओर से हरी झंडी मिलेगी।
आयोग ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि वे सामाजिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए केवल उनके यहां पंजीकृत एनजीओ को ही चयनित करे। आयोग तमाम एनजीओ के पुराने रिकॉर्ड, उनकी कार्यशैली और सामाजिक कार्यों में मिली सफलता के आधार पर इन्हें अपने यहां पंजीकृत करेगा। इन्हीं पंजीकृत एनजीओ के जरिए सरकार का कोई भी विभाग या मंत्रालय अपने कार्यक्रमों को चला सकेगा।

योजना आयोग का मानना है कि सरकारी योजनाओं से जुड़े एनजीओ के गड़बड़झाले की वजह से पिछले एक साल में बड़ी तादाद में इन संगठनों को कालीसूची में डाला गया है। कई एनजीओ की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण समाजिक कल्याण की योजनाओं का पूरा लाभ लक्षित वर्ग तक नहीं पहुंच रहा है। इस कारण सरकार के साख पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी मंत्रालयों को यह निर्देश जारी किया गया है।

इसके अलावा मंत्रालयों से यह भी कहा गया है कि वे सरकारी योजनाओं में भागीदार बनने की इच्छा रखने वाले नए एनजीओ से पंजीकृत होने की सलाह दें। सूत्रों के मुताबिक गैर सरकारी संगठनों पर लंबे समय से आयोग की नजर है। लेकिन पहली दफा सरकारी विभागों और मंत्रालयों पर आयोग से पंजीकृत एनजीओ को ही शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसा करने से देश में अच्छा काम कर रहे एनजीओ का एक डाटा तैयार होगा।

इस डाटा के जरिए सरकारी योजनाओं के लिए विश्वसनीय एनजीओ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। गौरतलब है कि देश में सामाजिक क्षेत्र की 200 से ज्यादा केंद्र प्रायोजित योजनाएं चल रही हैं। जबकि इतनी ही योजनाएं राज्य की ओर से चलाए जा रहे हैं। इनमें से कई योजनाएं विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और जागरूकता के अभाव में असफल साबित हो रहे हैं। माना जा रहा है कि एनजीओ पंजीकृत होने का फायदा इन योजनाओं को मिल सकता है।
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