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अल्पसंख्यक विभागों में खाली पदों से बेखबर सरकार

लखनऊ/ब्यूरो

Updated Fri, 30 Nov 2012 11:04 AM IST
government unaware of empty posts in minority departments
सरकारी कार्यालयों के सूचना पट्ट पर हिंदी के साथ उर्दू में नाम और पदनाम लिखने के निर्देश तो जारी कर दिए गए लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक विभाग, निगम और आयोग में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खाली पदों से बेखबर है। इससे कई विभागों का कामकाज ठप है। विभागीय वित्तीय और अन्य फैसले भी अटके हैं।
गौरतलब है कि आठ माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी प्रदेश में अभी तक अल्पसंख्यक विभागों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद खाली हैं। सपा सरकार बनते ही पूर्व अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर आसीन पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही उनकी कमेटियां और आयोग भी भंग हो गए थे।

ये पद अब तक खाली हैं, जिससे अल्पसंख्यक विभागों में कहीं बजट को लेकर परेशानी है तो कहीं विभाग में आने वाले मामलों पर फैसले अटके हैं। अल्पसंख्यक विभागीय सूत्रों की मानें तो जब तक अध्यक्ष व उपाध्यक्ष नामित नहीं होगा, विभागीय कार्य ठप ही रहेंगे। बजट को लेकर सरकार से पैरवी भी नहीं हो सकेगी।

अल्पसंख्यक आयोग
चेयरमैन लियाकत अली ने सपा की सरकार बनते ही अपना इस्तीफा शासन को सौंप दिया। साथ ही आयोग को भी भंग कर दिया गया। इसके बाद से ही चेयरमैन की नियुक्ति नहीं हुई है। सचिव एमएस फारूकी बताते हैं कि कार्यालय के प्रशासन स्तर के सभी कार्य हो रहे हैं पर शासन स्तर पर होने वाले कार्य ठप हैं।

मदरसा बोर्ड
मदरसा बोर्ड का गठन न होने से मदरसा शिक्षा परिषद का काम भी प्रभावित है। अब तक यहां भी चेयरमैन अनवर जलालपुरी के बाद कोई दूसरा चेयरमैन नामित नहीं हुआ है। रजिस्ट्रार जावेद असलम बताते हैं कि परिषद का कार्य तो हो रहा है लेकिन चेयरमैन न होने से शासकीय फैसले ठप हैं।

उर्दू अकादमी
उर्दू अकादमी में उपाध्यक्ष का पद खाली है। अकादमी को सालाना बजट की दूसरी किस्त अब तक नहीं मिली है। इससे अकादमी की कई योजनाएं ठप हैं। अकादमी सूत्रों की मानें तो अभी अकादमी की पुरस्कार योजना के साथ उर्दू छात्रवृत्ति योजना के लिए बजट नहीं है। इसी के साथ फखरुद्दीन अली अहमद का चेयरमैन पद भी खाली है।

वक्फ बोर्ड
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन का चयन भी अब तक नहीं हुआ है। पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के बाद से प्रशासक नियुक्त कर बोर्ड भंग कर दिया गया था जो अब तक भंग है। उधर, सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन पर भी तलवार लटक रही है।
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