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गैंगरेप पीड़िता के लिए मांगा इंसाफ, मिली लाठियां

नई दिल्ली/ब्यूरो

Updated Sun, 23 Dec 2012 01:54 AM IST
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कड़ाके की ठंड, नौ डिग्री तापमान, पानी की बौछार, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले... मगर हौसला फौलाद से भी मजबूत। चलती बस में दरिंदगी की शिकार हुई युवती को इंसाफ दिलाने की राह पर देश के युवा बढ़ते रहे और कारवां बनता गया।
कुछ ही देर में विजय चौक पर इंसाफ मांगती भीड़ के एक छोटे से हिस्से ने जनसैलाब का रूप ले लिया। हजारों की संख्या में लोगों ने इंडिया गेट से लेकर रायसीना हिल्स तक हल्ला बोल दिया। राजपथ ‘हमें न्याय चाहिए और दिल्ली पुलिस हाय-हाय’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

पीड़ित युवती के हक की लड़ाई में बढ़ते हर हाथ ने इंसानियत का अभूतपूर्व नजारा पेश किया। हजारों हाथ युवती के स्वास्थ्य की कामना करने और उसे इंसाफ दिलाने के लिए एकजुट हो गए। जिंदगी और मौत से एक जंग अस्पताल में लड़ी जा रही थी, तो इंसाफ की एक लड़ाई विजय चौक पर।

विरोध का ऐसा बवंडर उठा, कि उसे थामने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। आव देखा न ताव प्रदर्शनकारियों के आंसू पोंछने की बजाय उन पर आंसू गैस के गोले छोड़ दिए गए। युवाओं का हौसला न डिगता देख पानी की बौछार भी की गई। जब इससे भी बात न बनी तो लाठीचार्ज भी आजमा लिया गया।

मगर चट्टान सा जज्बा और इंसाफ की आरजू लेकर विजय चौक पहुंचे हजारों लोग तमाम मुश्किलों के बाद भी पीड़ित युवती को इंसाफ दिलाने की अपनी मांग पर डटे रहे। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह, अस्मिता थिएटर ग्रुप के निर्देशक अरविंद गौड़, आम आदमी पार्टी के मनीष सिसौदिय, कुमार विश्वास भी इस देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बने। प्रदर्शनकारियों में ज्यादा संख्या युवक और युवतियों की थी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प भी हुई, जिसमें करबी 40 लोगों को चोटें आईं।

गैंगरेप की इस वीभत्स घटना पर आंदोलनकारी कॉलेज स्टूडेंट रिचा ने कहा कि जो पुलिस यहां न्याय मांग रहे लोगों पर बल प्रयोग कर रही है, वह दिल्ली की सड़कों पर दिखती तो हमें यहां आने की जरूरत ही नहीं पड़ती। एक अन्य कॉलेज स्टूडेंट सुरभि का कहना है कि दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए। वरना वह ऐसी हरकतें करते रहेंगे। व्यापारी आकाश का इस बारे में कहना है कि कानून में बदलाव कर दोषियों को फांसी दो, हम लंबी कानूनी प्रक्रिया का इंतजार नहीं कर सकते।

वहीं घटना में इस्तेमाल बस जिस स्कूल के लिए चलती थी, उसमें पढ़ने वाली आयूषी के दिल में भी घटना को लेकर गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि मैं उसी बस में बैठकर स्कूल जाती थी, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हम बस में भी कितने सुरक्षित हैं। स्कूल की छात्रा तन्वी कहती हैं कि दोषियों पर तेजाब डालकर उन्हें सड़क पर छोड़ देना चाहिए। इस बारे में डा. दिव्या ने कहा कि जब तक कठोर प्रावधान नहीं होंगे, महिलाओं की अस्मत इसी तरह लुटती रहेगी।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एफडीआई के मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं, लेकिन वे एक महिला के साथ हुई इस दरिंदगी के बारे में राष्ट्र को संबोधित करने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं। -डी. राजा, भाकपा नेता
छात्रा के साथ हुई दरिंदगी पर पूरा देश गुस्से में है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चुप्पी साधे हुए हैं। आज देश सुरक्षा का आश्वासन मांग रहा है। इसलिए पीएम को चाहिए कि वे इस मुद्दे पर अपना मौन व्रत तोड़े। -रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रवक्ता
यह किसी पार्टी अथवा संगठन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि जनता अपनी इच्छा से सड़कों पर उतरी है। दिल्ली में 23 वर्षीय छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने हर किसी के अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन प्रशासन असंवेदनशील बना हुआ है। - बृंदा करात, माकपा नेता
हमने संसद के साथ ही हर मंच पर आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस से संयम बरतने को कहा गया है, लेकिन मैं युवक और युवतियों से कहना चाहता हूं कि वे बैरिकेड न तोड़ें, क्योंकि इससे कोई मदद नहीं मिलने वाली। -आरपीएन सिंह, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
मैंने प्रधानमंत्री से संसद का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया है, जिससे कि मौजूदा कानून में संशोधन कर गैंगरेप के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके। पीएम ने इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया है। चलती बस में छात्रा के साथ हुई दरिंदगी से लोग गुस्से में हैं और वे दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। - सुषमा स्वराज, भाजपा नेता
चलती बस में छात्रा के साथ दरिंदगी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार को उचित नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस को इनके साथ नरमी से पेश आना चाहिए। इस मामले में सरकार के किसी नुमाइंदे को आगे आकर छात्रों को बताना चाहिए कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। -लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा नेता
इस घटना की बर्बरता ने मुझे हिला कर रख दिया है। मैं उम्मीद करती हूं कि भविष्य में और किसी लड़की के साथ ऐसा नहीं होगा। यह बहुत ही शर्मनाक घटना है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। सरकार और पुलिस को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे कि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। - मैरी कॉम, महिला मुक्केबाज
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